SP Lok Dal Alliance: राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के बीच लगातार जुबानी जंग चल रही है. इसी बीच लखनऊ की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है. पुराने लोकदल के अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने अखिलेश यादव से खास मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद यह साफ हो गया है कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में लोकदल और समाजवादी पार्टी एक साथ मिलकर मैदान में उतरेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी में जयंत चौधरी का मुकाबला करने के लिए अखिलेश यादव अब इस पुराने लोकदल का सहारा ले रहे हैं और इसके जरिए बड़ा सियासी दांव खेल रहे हैं.
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सपा और लोकदल के बीच गठबंधन
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि यह एक बहुत ही सकारात्मक बैठक रही. उन्होंने कहा कि जो पुराने पारिवारिक संबंध मुलायम सिंह यादव और उनके पिता के बीच थे, वही रिश्ते अब आगे बढ़ रहे हैं. उनका मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश और देश को बचाना है. इस बैठक में मौजूद रहे सपा महासचिव शिवपाल यादव ने भी साफ किया कि 2027 के चुनाव में गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगा और अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
लोकदल ने मांगी पैंतीस विधानसभा सीटें
सीटों के बंटवारे को लेकर सुनील सिंह ने कहा कि यह उनके लिए कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है. गठबंधन में कांग्रेस भी शामिल है, इसलिए सब आपस में मिलकर सीटों पर फैसला कर लेंगे. हालांकि, पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि उनकी तैयारी 35 सीटों पर है. उनका तर्क है कि जब जयंत चौधरी की पार्टी के पास शून्य सीटें थीं, तब अखिलेश ने उन्हें 33 सीटें दी थीं. इसलिए लोकदल भी अपने लिए उसी सम्मान की उम्मीद कर रहा है.
जयंत की काट बनेंगे सुनील सिंह
पुराने लोकदल की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने साल 1989 में की थी. सुनील सिंह शुरू से ही मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे हैं और सपा सरकार में एमएलसी भी रह चुके हैं. साल 2022 में अखिलेश और जयंत साथ लड़े थे, लेकिन 2024 में जयंत चौधरी बीजेपी के साथ चले गए. अब पश्चिमी यूपी में जाट वोटरों को अपने पाले में करने और जयंत चौधरी को करारा जवाब देने के लिए अखिलेश यादव ने सुनील सिंह को अपने साथ जोड़ा है. चर्चा है कि 2027 में सुनील सिंह अलीगढ़, हापुड़ या हाथरस से चुनाव भी लड़ सकते हैं.
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