उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. मगहर कस्बे के भक्तान गोसाईपुर (गोपालपुर) गांव में 35 साल के पहलवान ब्रह्मानंद यादव की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोप है कि जब ब्रह्मानंद अपनी बुलेट बाइक से जा रहे थे, तभी पुरानी चुनावी और पारिवारिक रंजिश को लेकर घात लगाकर बैठे पटीदारों व दबंगों ने उन्हें घेर लिया. हमलावरों ने पहले उनकी आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंका, जिससे उनका संतुलन बिगड़ा और वे बाइक से गिर पड़े. इसके बाद लाठी-डंडों, धारदार हथियारों (टांगी) से उन पर ताबड़तोड़ वार किए गए और परिजनों के मुताबिक उन्हें गोली भी मारी गई.
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अस्पताल में इलाज के दौरान पहलवान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. परिजनों ने खलीलाबाद बाईपास पर शव रखकर सड़क जाम कर दी और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की. पुलिस ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और मामले की जांच के लिए 5 टीमें गठित की हैं.
घर से 50 मीटर दूर घात लगाकर हमला, तड़प-तड़पकर हुई मौत
घटना खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर/भक्तान गोसाईपुर गांव की है. 35 साल के हट्टे-कट्टे पहलवान ब्रह्मानंद यादव दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे अपने घर से बुलेट बाइक पर सवार होकर निकले थे. घर से महज 50 से 100 मीटर आगे बढ़ते ही सड़क पर पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन्हें रोक लिया.
परिजनों और पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सबसे पहले ब्रह्मानंद के चेहरे पर लाल मिर्च पाउडर फेंक दिया जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बाइक समेत गिर पड़े. इसके बाद हमलावरों ने उन्हें घेरकर टांगी (धारदार हथियार) और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुरानी और चुनावी रंजिश बनी हत्या की वजह
परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह हत्या पुरानी पारिवारिक और चुनावी रंजिश के चलते की गई है. परिजनों का कहना है कि इसी साल 18 मई को भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था जिसमें क्रॉस केस दर्ज हुआ था. मृतक के परिजनों ने पटीदार राकेश यादव, छठीराम, अजय, अभिमन्यु, करिया, मान सिंह और कई अन्य अज्ञात लोगों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि आरोपी शादी-समारोह के पुराने विवाद और गांव की चुनावी रंजिश को लेकर खुन्नस खाए हुए थे.
शव सड़क पर रखकर हंगामा
पहलवान की मौत की खबर मिलते ही गांव में तनाव फैल गया. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने खलीलाबाद बाईपास पर शव रखकर सड़क जाम कर दी जिससे दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं.
परिजन रो-रोकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और उन्हें फांसी/सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे थे. मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और काफी देर तक परिजनों को समझाने-बुझाने के बाद जाम खुलवाया जा सका. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
पुलिस का बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना पटीदारों के बीच पुरानी रंजिश के कारण हुई है. परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसओजी (SOG) और स्थानीय पुलिस की कुल 5 टीमें लगाई गई हैं. परिजनों द्वारा गोली मारे जाने के दावे पर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी.
लॉ एंड ऑर्डर पर उठे सवाल
दिनदहाड़े पहलवान की सरेराह हुई इस निर्मम हत्या के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया पर विपक्षी दल (मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी) और आम लोग घटना को लेकर सरकार व पुलिस प्रशासन को घेर रहे हैं. फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और बाकी बचे आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है.
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