ग्रेटर नोएडा में स्कूलों का ‘विकास मॉडल’ दिखाने पहुंचे सौरभ दास, कीचड़ भरी सड़कों से लेकर स्कूल गेट तक मचा बवाल; ग्रामीणों से हुई तीखी बहस

यूपी तक

• 01:50 PM • 23 Sep 2026

 ग्रेटर नोएडा में स्कूलों की स्थिति और गांवों के विकास मॉडल को लेकर सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सवाल उठाए हैं. वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के देवला गांव में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे.

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Greater Noida Saurabh Das News: ग्रेटर नोएडा में स्कूलों की स्थिति और गांवों के विकास मॉडल को लेकर सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सवाल उठाए हैं. वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के देवला गांव में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने स्कूल तक जाने वाली सड़कों पर फैली गंदगी, कीचड़ और जलभराव दिखाया. सौरभ दास ने बच्चों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी परेशानियां जानीं. इसी बीच कुछ ग्रामीणों के साथ उनकी बहस और कथित गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

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कीचड़ भरे रास्तों से स्कूल जाते हैं बच्चे

सौरभ दास ने गांव की सड़कों की हालत दिखाते हुए बताया कि बच्चे रोजाना कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल जाते हैं. बातचीत में कुछ बच्चों ने बताया कि वे रास्ते में गिर चुके हैं. एक बच्चे ने कहा कि कुछ दिन पहले कीचड़ में पैर फिसलने से वह गिर गया था. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है. ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते में जमा मलबा और कचरा हटाने के लिए कई परिवारों को आपस में पैसे इकट्ठा करने पड़ते हैं. इस दौरान सौरभ दास ने विकास मॉडल और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए.

ग्रामीणों ने सौरभ दास को दी सफाई

स्कूल की ओर बढ़ते समय कुछ लोगों ने सौरभ दास को रोक लिया. वीडियो में कुछ ग्रामीण यह कहते हुए नजर आए कि स्कूल में बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है. उन्होंने शिकायत करने वाले लोगों को बाहरी या किराएदार बताया और आरोप लगाया कि वे पैसे लेकर बयान दे रहे हैं. इसी दौरान बातचीत गर्म हो गई और लोगों के बीच बहस होने लगी. सौरभ दास ने लोगों से हाथापाई नहीं करने की अपील की. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गांव में सभी सुविधाएं मौजूद हैं, तो स्कूल तक जाने वाले रास्तों की हालत इतनी खराब क्यों है.

स्कूल में प्रवेश को लेकर भी हुआ विवाद

सौरभ दास अपनी टीम के साथ सरकारी स्कूल का निरीक्षण करना चाहते थे, लेकिन स्कूल के गेट पर मौजूद स्टाफ ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. वीडियो में वह स्कूल की प्रिंसिपल से बात कराने का अनुरोध करते दिखाई देते हैं. स्टाफ की ओर से कहा गया कि प्रिंसिपल की अनुमति के बिना उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा सकता. सौरभ दास ने इस घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब वह स्कूल की वास्तविक स्थिति देखने पहुंचे हैं, तो उन्हें अंदर जाने से क्यों रोका जा रहा है.

बीजेपी सरकार और सांसद महेश शर्मा पर उठाए सवाल

सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई वीडियो साझा किए. उन्होंने ग्रेटर नोएडा के विकास मॉडल पर सवाल उठाते हुए स्थानीय सांसद महेश शर्मा और विधायक तेजपाल नागर का भी जिक्र किया. उन्होंने पूछा कि जब क्षेत्र में विकास के बड़े दावे किए जाते हैं, तो बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए कीचड़ भरे रास्तों से क्यों गुजरना पड़ रहा है. सौरभ दास ने स्कूलों को शिक्षा का मंदिर बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें बंद कराने पर ध्यान दे रही है. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित जनप्रतिनिधियों या स्कूल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है.