Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पूजा के दौरान हुए विवाद ने देखते ही देखते खौफनाक रूप ले लिया. अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी-बेटे और पूजा कराने आए दो पुजारियों की हत्या कर दी. इसके बाद उसने अपने तीन बच्चों को घर के अंदर बंधक बना लिया. करीब आठ घंटे तक पुलिस ने घर को घेरकर आरोपी से बातचीत के जरिए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुआ.
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7 घंटे तक पुलिस करती रही समझाने की कोशिश
घटना के बाद पुलिस और अधिकारियों ने पूरे घर की घेराबंदी कर दी. आरोपी के पास लाइसेंसी रिवॉल्वर थी, इसलिए पुलिस बेहद सावधानी से कार्रवाई कर रही थी. करीब सात घंटे तक पुलिसकर्मी अरविंद सिंह से बातचीत करते रहे और बच्चों को बाहर भेजने के लिए समझाते रहे. इसी दौरान घर के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी. पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके बाद तत्काल ऑपरेशन शुरू किया गया.
स्टन ग्रेनेड और टियर गैस से घर में घुसी पुलिस
पुलिस ने घर में प्रवेश करने के लिए स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया. इसके बाद दरवाजा तोड़कर टीम अंदर दाखिल हुई. वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा के मुताबिक, पुलिस के अंदर पहुंचते ही अरविंद सिंह ने फायरिंग शुरू कर दी. उसने करीब चार-पांच राउंड गोलियां चलाईं. इसके जवाब में पुलिस ने भी तीन-चार राउंड फायर किए, जिसमें अरविंद घायल हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई.
घायल बेटे समेत तीनों बच्चों को पुलिस ने बचाया
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था. पुलिस के मुताबिक, आरोपी का करीब 10 साल का बेटा पहले ही गोली लगने से घायल हो चुका था. उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया. वहीं घर में मौजूद दोनों बच्चियों को भी सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया. लंबे समय तक घर के अंदर रहने के कारण बच्चे डिहाइड्रेशन और ट्रॉमा की स्थिति में थे. करीब आठ घंटे तक चले इस बंधक संकट का अंत आरोपी की मौत और तीनों बच्चों के सुरक्षित बचाव के साथ हुआ.
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