जनता की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए तैनात 'डायल 112' की सरकारी गाड़ी से जुड़ा एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में डायल 112 के वाहन के लिए मिलने वाले सरकारी पेट्रोल में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और चोरी का खेल उजागर हुआ है. प्राथमिक जांच में भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक होम गार्ड की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है. इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
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शाही थाने का मामला: पंप संचालकों से मिलीभगत कर बेचते थे तेल
यह पूरा मामला बरेली जिले के थाना शाही क्षेत्र का है. आरोप है कि डायल 112 की गाड़ी पर तैनात हेड कांस्टेबल ब्रिजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार पेट्रोल पंप संचालकों के साथ मिलीभगत करके सरकारी तेल का खेल चला रहे थे. जांच में पाया गया कि गाड़ी के नाम पर मिलने वाला पेट्रोल वाहन के टैंक तक पहुंचने के बजाय रास्ते में ही गायब हो जाता था. दोनों पुलिसकर्मी पंप संचालकों की मदद से पेट्रोल निकालकर उसे बाजार में बेचने का काला कारोबार कर रहे थे.
दो सिपाही सस्पेंड, होम गार्ड मुकेश शर्मा पर जांच शुरू
पेट्रोल चोरी की गोपनीय जांच रिपोर्ट सामने आते ही अधिकारियों ने तुरंत सख्त रुख अपनाया. मामले में दोषी पाए गए हेड कांस्टेबल ब्रिजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार को निलंबित कर दिया गया है.
इसके अलावा, गाड़ी पर तैनात होम गार्ड मुकेश शर्मा की भूमिका भी इस पूरे खेल में संदिग्ध पाई गई है. होम गार्ड के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह खेल कितने लंबे समय से चल रहा था और अब तक कितने लीटर पेट्रोल की चोरी की जा चुकी है.
फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
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