Hamid Ansari Statement: भारत की सनातन परंपरा और हिंदुत्व को लेकर एक नई सियासी बहस छिड़ गई है. पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा दिए गए एक बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोरदार पलटवार किया है. सीएम योगी ने हामिद अंसारी के बयान को 'भारत और भारतीय परंपरा के लिए डरावना' करार दिया है. ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनके द्वारा सनातन परंपरा को कोसने और हिंदू परंपरा को अपमानित करने की कोशिश की गई है.
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योगी ने अंसारी के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
20 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में आयोजित 'उत्कर्ष नारी सम्मान युवा स्वाभिमान' कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हामिद अंसारी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण और संवैधानिक पद पर 5 साल तक रहे व्यक्ति का ऐसा वक्तव्य बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. सीएम योगी ने कहा कि यह वक्तव्य दुनिया में भारत की छवि को खराब करने और एंटी-इंडिया ताकतों के एजेंडे का हिस्सा लगता है.
क्या था हामिद अंसारी का बयान?
यह पूरा बवाल हामिद अंसारी द्वारा 'एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर' में दिए गए एक बयान से शुरू हुआ. हामिद अंसारी ने एजी नूरानी की किताब 'द आरएसएस: अ मिनेस टू इंडिया' का हवाला देते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने कथन का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि नेहरू जी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक में कहा था कि भारत के लिए कम्युनिज्म (साम्यवाद) से ज्यादा बड़ा खतरा हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है. हामिद अंसारी का यह बयान सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया.
बीजेपी और वीएचपी ने भी जताई आपत्ति
हामिद अंसारी द्वारा दिए गए इस बयान के बाद विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है. इस बयान को लेकर अब दो तरफा बहस चल रही है. एक तरफ लोग उस पुराने ऐतिहासिक संदर्भ की चर्चा कर रहे हैं जिसका जिक्र अंसारी ने किया था, तो वहीं दूसरी तरफ इस बात को आज के राजनीतिक माहौल से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं. सीएम योगी की इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा और भी ज्यादा गरमा गया है.
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