Samajwadi Chhatra Sabha DUSU: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में इस बार समाजवादी छात्र सभा के प्रदर्शन की खूब चर्चा हो रही है. एनएसयूआई से बगावत कर संयुक्त सचिव पद का चुनाव लड़ने वाले विशेष यादव ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर समाजवादी छात्र सभा का समर्थन हासिल किया और चुनाव में सभी को कड़ी टक्कर दी. इस शानदार प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने खुशी जताते हुए इसका पूरा श्रेय खुद छात्रों को दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए उत्तर प्रदेश में भी छात्र संघ चुनाव कराने की जोरदार मांग उठाई है.
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अखिलेश ने दिया छात्रों को श्रेय
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से डूसू चुनाव और विशेष यादव के प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसमें पार्टी का कोई सीधा योगदान नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी वहां चुनाव नहीं लड़ती, बल्कि छात्र खुद संगठन खड़ा करके अपने दम पर लड़ते हैं. अखिलेश ने छात्रों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे चुनावों में बहुत संसाधनों की जरूरत होती है, लेकिन बिना पार्टी के सहयोग के भी छात्रों को भारी संख्या में वोट मिल रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में चुनाव हो सकते हैं, तो यूपी में क्यों नहीं.
अखिलेश यादव से मिले थे विशेष
डूसू चुनाव में इससे पहले समाजवादी छात्र सभा आमतौर पर चुनाव नहीं लड़ती थी और मौन रूप से एनएसयूआई को अपना समर्थन देती थी. लेकिन इस बार एनएसयूआई में बगावत देखने को मिली. संयुक्त सचिव पद के लिए विशेष यादव ने बागी होकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद विशेष ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अखिलेश यादव ने उन्हें छात्र सभा की कमान सौंपते हुए संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है. उन्होंने वादा किया था कि वे छात्रों के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य के लिए पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेंगे.
चुनाव में विशेष की कड़ी टक्कर
संयुक्त सचिव के पद पर चुनाव लड़ते हुए विशेष यादव ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है. वोटों की गिनती के दौरान वे लंबे समय तक बढ़त बनाए हुए थे और दूसरे नंबर पर रहते हुए उन्होंने लगातार कांटे की टक्कर दी. माना जा रहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में समाजवादी छात्र सभा का संगठन बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है और विशेष यादव ने यह चुनाव पूरी तरह अपने ही दम पर लड़ा है. हालांकि, उनके इस मजबूत प्रदर्शन ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अखिलेश यादव और उनकी पार्टी को एक नई पहचान और चर्चा जरूर दे दी है.
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