हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर एक हुआ गाजियाबाद का कपल, 14 महीने की जुदाई के बाद मिले सोनिका-अकबर

यूपी तक

• 01:05 PM • 28 Sep 2026

Ghaziabad News: गाजियाबाद की 26 वर्षीय सोनिका चौहान और अकबर खान से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बालिग व्यक्ति के जीवनसाथी चुनने के अधिकार को माना और सोनिका को अपने पति के साथ रहने की अनुमति दी.

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Ghaziabad News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम की रहने वाली 26 साल की सोनिका चौहान को पति अकबर खान के साथ रहने की इजाजत दे दी है. न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने माना कि एक बालिग व्यक्ति को आर्टिकल 21 के तहत अपना जीवन साथी चुनने का पूर्ण अधिकार है. यह मामला मई 2025 का है, जब सोनिका के पिता ने इंदिरापुरम थाने में अकबर के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद अकबर की गिरफ्तारी हुई और उसकी दुकान में तोड़फोड़ भी की गई थी.

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दुकान उद्घाटन से शुरू हुआ विवाद

अकबर खान ने बताया कि उन्होंने और सोनिका ने 28 अगस्त 2022 को ही शादी कर ली थी. दोनों ने मिलकर अपनी मेहनत से लोन लेकर एक दुकान खोली थी. विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने अपनी दुकान के उद्घाटन में पूर्व पार्षद मीना भंडारी को आमंत्रित नहीं किया. अकबर का आरोप है कि मीना भंडारी इस बात से नाराज हो गईं और उन्होंने ही कुछ लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश रची. अकबर के मुताबिक, सोनिका के परिवार वालों पर दबाव डाला गया और उनके खिलाफ अपहरण और पॉक्सो जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए. बाद में पुलिस जांच में पॉक्सो की धाराएं हटा दी गईं.

महीनों बाद मिले, कोर्ट का जताया आभार

करीब 14-16 महीनों तक एक-दूसरे से दूर रहने के बाद, हाईकोर्ट के फैसले से अकबर और सोनिका फिर से एक हो गए हैं. अकबर ने उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी संविधान जिंदा है. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि दोनों बालिग हैं और अपना फैसला खुद लेने में पूरी तरह से सक्षम हैं. अकबर ने बताया कि इतने लंबे समय तक सोनिका को पेश नहीं होने दिया जा रहा था और उनके परिवार वालों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था.

अब सता रहा जान का खतरा, मांगी सुरक्षा

कोर्ट के आदेश के बाद भले ही दोनों एक साथ आ गए हों, लेकिन उनकी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. अकबर का कहना है कि वे हाईकोर्ट से बाहर निकले ही थे कि उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो गईं. जिन लोगों के नाम एफआईआर में थे, वे अब सोनिका के परिवार को धमका रहे हैं. अकबर ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने कहा कि उनका जो आर्थिक नुकसान हुआ है, वे उसकी भरपाई करना चाहते हैं और शांति से अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं. अकबर ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन और अदालत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.