शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान! NDA और INDIA के सांसदों ने किया ऐसे स्वागत

यूपी तक

• 03:10 PM • 27 Jul 2026

Dharmendra Pradhan Welcome: संसद सत्र शुरू होने से पहले मकर द्वार पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए सांसदों ने स्वागत किया है. इसके साथ ही विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन और कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया है.

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Dharmendra Pradhan Welcome: संसद सत्र के शुरू होने से पहले सोमवार को संसद भवन के मकर द्वार पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला है. पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए के सांसदों ने जोरदार  स्वागत किया है. सांसदों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की है. इसके साथ ही उन्हें पगड़ी पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया है. तो वहीं आज ही संसद परिसर में विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक के सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया है. इस दौरान सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के जवानों ने दोनों पक्षों के बीच एक लाइन बनाकर स्थिति को संभाला है.

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संसद भवन पहुंचे पूर्व शिक्षा मंत्री

संसद परिसर में जैसे ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की गाड़ी मकर द्वार पर पहुंची, वहां पहले से मौजूद एनडीए सांसदों ने 'प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगाए. सांसदों ने उन्हें घेरकर शॉल ओढ़ाकर और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया. धर्मेंद्र प्रधान ने मुस्कुराते हुए और हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया, हालांकि मीडिया से उन्होंने कोई बात नहीं की. इस दौरान एनडीए और विपक्षी सांसदों के टकराव को रोकने के लिए सीआईएसएफ के जवानों ने बीच में एक घेरा बना दिया था.

विपक्ष ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

धर्मेंद्र प्रधान के आगमन के साथ ही प्रियंका गांधी और पप्पू यादव के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसद सीढ़ियों पर धरना देने पहुंच गए. विपक्षी सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर 700 छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और अत्याचार की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग दर्ज थी. उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर करीब 37 दिनों तक आंदोलन चला था, जिसके बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों की चिट्ठी साझा कर नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दे दिया था.

सरकार का संदेश और विपक्षी बयान

एनडीए सांसदों द्वारा किए गए इस भव्य स्वागत के जरिए सत्ता पक्ष ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि यह निर्णय किसी विपक्षी दबाव में नहीं, बल्कि छात्र और देश के हित में धर्मेंद्र प्रधान का अपना फैसला था. इस फैसले के समर्थन में गृह मंत्री अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने उनके कार्यकाल की सराहना की. दूसरी तरफ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे छात्रों, युवाओं और 'इंकलाब' की जीत बताया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के मुख्य संचालक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उन्हें देश के विद्यार्थियों से माफी मांगनी चाहिए.