अखिलेश यादव को चाय पिलाना पड़ा भारी? दुकानदार आर्यन यादव ने बीजेपी नेता को लेकर ये क्या कह दिया

फतेहपुर के चाय विक्रेता आर्यन यादव ने बीजेपी नेता पर मारपीट और धमकी के आरोप लगाए हैं. अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया है.

यूपी तक

• 09:48 AM • 20 Apr 2026

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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पसंदीदा चाय के दुकानदार और यूट्यूबर आर्यन यादव ने बीजेपी के एक जिला पंचायत सदस्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है. आर्यन का दावा है कि अखिलेश यादव के साथ उनकी नजदीकी ही उनकी मुसीबत का सबब बन गई है.

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'अखिलेश यादव को चाय पिलाई, इसलिए मिल रही सजा'

आर्यन यादव का सीधा आरोप है कि जब से अखिलेश यादव उनकी दुकान पर आए और उन्होंने उनकी चाय की तारीफ की, तभी से वे सत्ता पक्ष के निशाने पर हैं. आर्यन के मुताबिक, बीजेपी से जुड़े जिला पंचायत सदस्य और उनके समर्थकों ने न केवल उन्हें धमकाया, बल्कि उनके परिवार के साथ मारपीट भी की. आर्यन का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे डर जाएं.

फूड सेफ्टी रेड और बर्तनों पर छिड़ा है क्या विवाद?

दबंगों के हमले के साथ-साथ आर्यन की दुकान पर प्रशासनिक दबाव की भी बात सामने आई है. हाल ही में फूड सेफ्टी विभाग ने आर्यन की दुकान पर रेड की और एल्यूमीनियम के बर्तनों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया. विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए दुकान को सीज कर दिया. आर्यन इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहे हैं, जिसका मकसद उनकी रोजी-रोटी छीनना है.

अखिलेश यादव ने दिया सुरक्षा का भरोसा

इस पूरे विवाद के बीच आर्यन यादव ने लखनऊ जाकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की और अपनी आपबीती सुनाई. अखिलेश यादव ने आर्यन को सांत्वना देते हुए भविष्य में हर संभव मदद और सुरक्षा का भरोसा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गुंडागर्दी और उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी पर आरोप

आर्यन ने जिला पंचायत सदस्य महमूद और उनके सहयोगियों का नाम लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन और स्थानीय अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. यह मामला अब केवल एक दुकानदार का नहीं, बल्कि फतेहपुर की स्थानीय राजनीति का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है.