बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दोनों पार्टियों को 'जातिवादी' और 'दोहरे चरित्र' वाली बताते हुए दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों को इनके बहकावे में न आने की चेतावनी दी है. मायावती ने साफ कहा कि कांग्रेस और सपा सत्ता में रहते हुए इन वर्गों का हक मारती हैं और चुनाव आते ही 'गिरगिट' की तरह रंग बदलने लगती हैं.
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'कांग्रेस ने हमेशा आरक्षण के साथ किया खिलवाड़'
मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के दावों को महज 'दिखावा' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी, तब उसने कभी भी SC, ST और OBC का कोटा पूरा करने की नीयत नहीं दिखाई. उन्होंने कांग्रेस को दलितों और पिछड़ों के संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वाली पार्टी बताया.
मंडल कमीशन और बसपा का संघर्ष
इतिहास का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि ओबीसी समाज को मिले 27% आरक्षण को भी कांग्रेस ने लागू नहीं किया था. उन्होंने याद दिलाया कि यह बसपा के निरंतर संघर्षों का ही परिणाम था कि तत्कालीन वी.पी. सिंह सरकार को इसे लागू करना पड़ा. उन्होंने संदेश दिया कि दलितों और पिछड़ों के लिए जो काम बसपा ने लड़कर करवाए, कांग्रेस उन्हें दशकों तक लटकाए रही.
सपा को घेरा- सत्ता में आते ही बदल जाता है चरित्र'
मायावती के निशाने पर समाजवादी पार्टी भी रही. उन्होंने 1994 का एक वाकया याद दिलाते हुए कहा, "जब पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ देने की रिपोर्ट आई, तब सपा सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था. 1995 में जब मेरी सरकार बनी, तो हमने इसे तुरंत लागू किया. सपा सत्ता से बाहर होने पर बड़ी बातें करती है, लेकिन सरकार में आते ही इनका रवैया तिरस्कारपूर्ण हो जाता है."
महिला आरक्षण और 2011 की जनगणना
महिला आरक्षण बिल में हो रही देरी पर मायावती ने कहा कि यदि सरकार इसे 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करना चाहती है, तो इसमें देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने तंज कसा कि अगर आज कांग्रेस भी सत्ता में होती, तो वह भी भाजपा की तरह ही टालमटोल की राजनीति करती.
दलित-मुस्लिम समाज को आत्मनिर्भर बनने की सलाह
मायावती ने एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं. उन्होंने कहा कि असली मजबूती तभी आएगी जब यह समाज राजनीतिक और सामाजिक रूप से खुद अपने पैरों पर खड़ा होगा. मायावती के अनुसार, आत्मनिर्भर बनना ही इन वर्गों की समस्याओं का एकमात्र स्थाई समाधान है.
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