संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल विपक्ष के सवालों का जवाब दिया, बल्कि अपनी पहचान और राजनीतिक मित्रता को लेकर भी बड़ी बातें कहीं. आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सदन का माहौल काफी दिलचस्प हो गया.
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धर्मेंद्र यादव की टिप्पणी और पीएम का जवाब
सदन में बहस के दौरान धर्मेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री की जाति का जिक्र करते हुए कहा कि वे खुद पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उन्हें अपने समाज के हितों के लिए और अधिक ठोस कदम उठाने चाहिए. इस पर प्रधानमंत्री ने बेहद शालीनता से जवाब देते हुए अपनी पहचान स्पष्ट की. पीएम मोदी ने कहा कि वह इस बात को स्वीकार करते हैं कि वह अति पिछड़ी जाति से आते हैं.
'मित्र' अखिलेश यादव का जिक्र
सदन में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री का एक अलग और दोस्ताना अंदाज भी देखने को मिला. उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपना मित्र बताया और कहा, "अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी कभी मदद कर देते हैं."
महिला भागीदारी और संवैधानिक मूल्य
प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण की वकालत करते हुए कहा कि जब 33 प्रतिशत महिलाओं को नीति निर्धारण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, तो देश में और भी बेहतर और संवेदनशील फैसले लिए जा सकेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए संविधान सर्वोपरि है और सरकार समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचितों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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