महिला आरक्षण बिल पर भड़के धर्मेंद्र यादव... 'पिछड़े-मुसलमानों' के पक्ष में कही ये बात

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश होने के दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने जमकर विरोध किया. उन्होंने बिल में ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटा की मांग की और परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए.

यूपी तक

• 04:02 PM • 16 Apr 2026

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संसद में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पेश किए जाने के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने पार्टी का पक्ष रखते हुए सरकार पर तीखे हमले किए. उन्होंने न केवल इस बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध किया, बल्कि इसे संविधान की भावनाओं के खिलाफ बताया.

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धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में अपनी बात रखते हुए तीन प्रमुख विधेयकों (संविधान संशोधन, परिसीमन और संघ राज्य क्षेत्र बिल) का पुरजोर विरोध किया. उनके तर्क इस प्रकार थे:

  • पिछड़ों और मुस्लिमों के लिए आरक्षण की मांग: उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक इस बिल में पिछड़े वर्ग (OBC) और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक समाजवादी पार्टी इसका समर्थन नहीं करेगी.
  • परिसीमन (Delimitation) और जनगणना: यादव ने इस बात पर आपत्ति जताई कि परिसीमन को जनगणना से अलग किया जा रहा है. उन्होंने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि सरकार इसके नाम पर देश का वही हाल करना चाहती है जो कश्मीर और असम में हुआ है.
  • समाजवादियों को बताया सबसे बड़ा हितैषी: उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के लिए समाजवादियों से बड़ी हितैषी कोई दूसरी पार्टी नहीं है और संसद में उनकी पार्टी का महिला प्रतिनिधित्व का प्रतिशत अन्य से बेहतर है.

धर्मेंद्र यादव के विरोध के स्वर को बाद में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी जायज ठहराया. विपक्ष की ओर से इस बिल को 'चुनावी चाशनी' करार देते हुए इसे वापस लेने या तत्काल 2023 की स्थिति के अनुसार लागू करने की मांग की गई.