मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के विकास को नई ऊंचाई देते हुए हजारों परिवारों को 'भौमिक अधिकार पट्टे' वितरित किए हैं. इस ऐतिहासिक कदम से न केवल उन परिवारों को अपनी जमीन मिली है जो नदियों के कटान से बेघर हो गए थे, बल्कि थारू जनजाति के गौरव और उनकी पहचान को भी नई मजबूती मिली है.
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हजारों परिवारों को मिला हक, 417 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कुल 6,706 परिवारों को भूमि के पट्टे सौंपे. इनमें:
- नदी कटान प्रभावित: 2,350 परिवार, जो लंबे समय से भूमि शरण के कारण विस्थापित थे.
- थारू जनजाति: 4,356 परिवार, जिन्हें उनके रिहाइशी और कृषि अधिकार दिए गए.
- इसके साथ ही सीएम ने ₹417 करोड़ की कुल विकास योजनाओं की मंजूरी दी और ₹17 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया.
'यूपी बन रहा है भारत का ग्रोथ इंजन'
अपने संबोधन में सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश के 'ग्रोथ इंजन' के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है. सीएम ने जोर दिया कि "नए भारत" की स्थापना में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक है और विरासत के साथ विकास का यह मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण है.
थारू जनजाति का सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण
सीएम योगी ने थारू जनजाति की विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि पट्टे मिलने से स्थानीय लोगों के जीवन में स्थिरता आएगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगे. इस पहल से लगभग 5,000 से अधिक लोग सीधे लाभान्वित होंगे, जिससे उनके सामाजिक-आर्थिक विकास का नया मार्ग प्रशस्त होगा.
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