कौशांबी में किरण पाल की हुई थी संदिग्ध मौत, अखिलेश यादव ने उनकी बेटी की शीदी के लिए दी इतने रुपयों की मदद

कौशांबी के सुमेरपुर गांव में किरण पाल की मौत के बाद अखिलेश यादव ने परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है. सपा प्रदेश अध्यक्ष ने न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

यूपी तक

• 03:51 PM • 10 Apr 2026

follow google news

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कौशांबी जिले के सुमेरपुर गांव के एक प्रभावित परिवार को बेटी की शादी के लिए आर्थिक सहायता दी है. सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पीड़ित किरण पाल के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और अखिलेश यादव की ओर से 200000 रुपये की मदद सौंपी.

यह भी पढ़ें...

क्या है पूरा मामला?

परिजनों के अनुसार, बीते दिनों भैंस को लेकर हुए विवाद के बाद किरण पाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. यह मामला अब हत्या और आत्महत्या के बीच पुलिस जांच के दायरे में है. घटना के बाद से ही इलाके में भारी तनाव और राजनीतिक हलचल बनी हुई है.

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है. हालांकि, परिवार और विपक्षी दल अभी भी निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं.

सपा की चेतावनी और सियासी मायने

प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने स्पष्ट किया कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी. पूर्वांचल के इस बेल्ट में पाल समुदाय की संख्या काफी प्रभावी है.अखिलेश यादव और श्यामलाल पाल की इस सक्रियता को पाल समुदाय के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है. सपा लगातार पिछड़ों और दलितों के हक की बात उठाकर सामाजिक न्याय की अपनी पिच को मजबूत कर रही है.

पूर्वांचल की राजनीति में नया मोड़

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने पूर्वांचल की राजनीति में सामाजिक न्याय के मुद्दे को फिर से हवा दे दी है. आगामी चुनावों से पहले इस तरह के सामुदायिक समझौते और मदद की राजनीति परिणामों को प्रभावित कर सकती है.