सड़क पर नमाज को लेकर CM योगी के बयान के बाद अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- ...तो क्या दिक्कत है?

यूपी तक

19 May 2026 (अपडेटेड: 18 Jul 2026, 10:24 PM)

Akhilesh Yadav On Roadside Namaz: उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राज्य में सड़कों पर नमाज नहीं होने दी जाएगी और अगर लोगों की संख्या ज्यादा है तो वे शिफ्ट में या तय धार्मिक स्थलों पर नमाज पढ़ सकते हैं.

Akhilesh Yadav and CM Yogi

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UP Politics News: उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राज्य में सड़कों पर नमाज नहीं होने दी जाएगी और अगर लोगों की संख्या ज्यादा है तो वे शिफ्ट में या तय धार्मिक स्थलों पर नमाज पढ़ सकते हैं. अब सीएम योगी इस बयान के बाद  समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  आज अमर उजाला के एक कार्यक्रम के दौरान उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'अगर जगह कम है, कोई सड़क पर नमाज पढ़ भी रहा है तो क्या दिक्कत है.'

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा था कि सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं और उन पर नमाज की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा था, 'नमाज पढ़नी है तो तय स्थान पर पढ़िए. अगर संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में पढ़ सकते हैं.' साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अगर लोग प्यार से मानेंगे तो ठीक है, नहीं तो कानून के तहत सख्त तरीका अपनाया जाएगा.

अब इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने अमर उजाला के एक निजी कार्यक्रम में अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए, इसके लिए पहले से नियम बने हुए हैं और इस मुद्दे पर पॉलिटिकल स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए. अपने बयान में अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर कोई सबसे ज्यादा अधर्म की राजनीति कर रहा है तो वह भाजपा है. उन्होंने कहा कि हाल ही में अधिवक्ता संघ के लोग विरोध प्रदर्शन करने निकले थे, जिनके हाथों में रामचरितमानस थी, लेकिन उन पर लाठीचार्ज किया गया. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कोई खुद को सनातनी कहता है तो उसे "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना के साथ सभी को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी सोच सभी को साथ लेकर चलने की है.

उन्होंने आगे कहा कि सड़कें और चौड़ी होनी चाहिए. उनका आरोप था कि ऐसे मुद्दे इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके. अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा, 'कौन सड़क पर नमाज पढ़ रहा है? और अगर पढ़ भी रहा है, अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है? वे चाहते हैं कि बहस दूसरी तरफ चली जाए, लेकिन हमने भी भाजपा से बहुत कुछ सीखा है.'

(नोट: अखिलेश यादव ने ये बातें अमर उजाला के निजी कार्यक्रम में कही थीं. इसी कार्यक्रम में एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपना बयान दिया था.)