देश भर में एनटीए और पेपर लीक को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच केंद्र सरकार की ओर से बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. सरकार का मानना है कि इस वक्त पद से इस्तीफा देना जिम्मेदारी से भागने जैसा होगा और यह सबसे आसान रास्ता होगा. जनता ने सरकार को जो जनादेश दिया है उसे पूरा किया जाएगा.
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इस्तीफा देना जिम्मेदारी से भागना होगा- सरकार का पक्ष
एनटीए में जारी गड़बड़ियों और विपक्ष के चौतरफा हमले के बीच सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना है कि इस्तीफा देना बहुत आसान काम है. लेकिन समस्याओं से भागने के बजाय उनका समाधान करना जरूरी है. सरकार फिलहाल NTA में मौजूद तमाम कमियों और समस्याओं की सूची तैयार कर रही है और इनका जल्द से जल्द स्थाई समाधान निकाला जाएगा. इसके अलावा पेपर लीक और फर्जीवाड़े में शामिल कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया जा चुका है. साथ ही दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई गई है.
CJP की 2 मांगों पर बनी सहमति
24 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच हुई 2 घंटे की अहम बैठक के बाद छात्रों को बड़ी राहत मिली है. CJP की ओर से रखी गई तीन मुख्य मांगों और परीक्षा सुधार के 5 सुझावों में से सरकार ने दो मांगों को स्वीकार कर लिया है.
मुकदमे वापस और डिटेंशन पर रोक: प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी केस वापस लिए जाएंगे और दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों को हिरासत में लेने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाएगी.
मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजा: परीक्षा के तनाव और धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा.
राहुल गांधी ने भी की थी तीन मांगें
इससे पहले प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हाथ में तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई जिससे एक छात्र की आंख की रोशनी जाने की नौबत आ गई है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवाओं से माफी मांगने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और मुख्य जिम्मेदार के रूप में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई थी.
हालांकी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह सुधारों और दोषियों पर कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़ेगी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता.
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