देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर युवाओं का प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. आरोप है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया. ऐसे में अब इसे लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीड़ित छात्रों से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि सौरव दास के बीच दो घंटे चली लंबी बैठक के बाद सरकार छात्रों की दो मांगों पर सहमत हो गई है. वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अभी फैसला होना बाकी है.
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राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें
छात्रों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि ' छात्र हाथ में तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट कर रहे थे तब इन्हें पैलेट गन लगी. इनकी एक आंख नहीं खुल रही, उस आंख से दिख नहीं रहा है.' इस दौरान राहुल गांधी ने अपनी तीन मांगे भी सामने रखी.
1.जिस वजह से पेपर लीक हुआ, उस जिम्मेदार व्यक्ति को हटाया जाए.
2.जिन लोगों ने हमारे छात्रों और युवाओं पर गोली चलाई और लाठीचार्ज किया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
3.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो पूरे सिस्टम के प्रमुख हैं उन्हें इन हजारों युवाओं से माफी मांगनी चाहिए.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि 'इन छात्रों को शारीरिक नुकसान पहुंचा है. मैं यह भी नहीं कह सकता कि इनमें से कुछ की आंखें बचेंगी या नहीं. इनकी कोई गलती नहीं थी. इसलिए हमारी मांग है कि छात्रों को मारना और धमकाना बंद किया जाए और उनकी मांगें पूरी की जाएं.'
CJP नेता सौरव दास और जेपी नड्डा के बीच 2 घंटे चली बैठक
24 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि सौरव दास और जेपी नड्डा के बीच हुई मीटिंग करीब 2 घंटे तक चली. इस दौरान छात्रों की ओर से तीन मुख्य मांगें और परीक्षा सुधार के 5 सुझाव रखे गए. इनमें से 2 मांगे मान ली गई हैं. इस बैठक के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार उनकी दो प्रमुख मांगों पर राजी हो गई है.
1.केस वापस और डिटेंशन पर रोक: प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे और दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों को हिरासत में लेने की कार्रवाई रोकी जाएगी.
2.मृतक छात्रों को मुआवजा: जिन छात्रों ने इस पूरे तनाव और धांधली के कारण आत्महत्या की है उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सस्पेंस कायम
छात्रों की तीसरी और सबसे अहम मांग है शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने को लेकर फिलहाल पेंच फंसा हुआ है. जेपी नड्डा और सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा है कि सरकार के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और कल दोपहर की अगली बैठक में इस पर अंतिम जानकारी दी जाएगी.
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