गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड और चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ हुई मारपीट के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है. सुभासपा अध्यक्ष और यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके पीडीए के नारे पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अखिलेश यादव को घेरा और सवाल उठाया कि सपा नेताओं की गुंडागर्दी और हत्याओं पर उनकी चुप्पी क्यों है जबकि अपराधियों के एनकाउंटर पर वे सवाल उठाते हैं? राजभर ने सपा को 'कौरवों का दरबार' बताते हुए चेतावनी दी कि महिलाओं का अपमान करने वाली इस पार्टी का हश्र भी कौरवों जैसा ही होगा.
ADVERTISEMENT
ओपी राजभर ने एक्स पर ये सब लिखा
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने चंदौली में सपा की महिला जिला अध्यक्ष गार्गी पटेल के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए X पर लिखा 'अरे भाई अखिलेश यादव जी, अभी पिछड़ा वर्ग की सपा महिला विधायक से मारपीट पर आपकी चुप्पी बरकरार ही थी कि अब चंदौली में आपकी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल को घर में घुसकर बाल पकड़कर घसीटा गया. आप ही के स्वजातीय सपाई गुंडों द्वारा उन्हें लात-घूसों से पीटा गया, टेबल उठाकर सिर फोड़ दिया गया... मगर आप और आपका पूरा 'लाल टोपी गैंग' बस मूकदर्शक बनकर तमाशा देखता रहा. आपकी पार्टी में न तो प्रजापति समुदाय सुरक्षित है और न ही कुर्मी. सोचिए और सच बताइए... क्या आप परिवार-केंद्रित/यादव-केंद्रित लोग सचमुच महिलाओं का इस तरह सम्मान करते हैं? अरे... स्वयं भगवान श्री कृष्ण से महिलाओं का सम्मान करना सीखिए... मैं पूछ रहा हूं, क्या यही आपका सार्वजनिक प्रदर्शन है? आपकी अपनी पार्टी की पिछड़े वर्ग की महिला जिला अध्यक्ष अपने ही घर में आपके समाजवादी पार्टी के गुंडों और जातिवादी भाईचारे से सुरक्षित नहीं है... जहां पिछड़े समुदाय की एक बेटी को चार लोग मिलकर पीटते हैं... जहां गुंडे उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर घसीटते हैं और गालियां देते हैं... और पार्टी नेतृत्व चुप बैठा रहता है... उस पार्टी को सामाजिक न्याय की बात करने का कोई हक नहीं है. महाभारत में दुर्योधन के दरबार में द्रौपदी का अपमान हुआ था और सभी महान योद्धा चुपचाप बैठे रहे... आज वही दृश्य समाजवादी पार्टी में दोहराया जा रहा है. आपका भी वही हाल होगा जो कौरवों का हुआ था... सच्चाई यह है कि समाजवादी पार्टी अब यादव गुंडों की पार्टी बन चुकी है. जहां गैर-यादव पिछड़े और दलित आपके गुंडों के हाथों दुर्व्यवहार, मारपीट और अपमान सहने के लिए अभिशप्त हैं... 'पहला हक यादवों का'... हम बाकी पिछड़े और दलित सिर्फ आपके रंगीन पोस्टरों में ही नजर आते हैं. सच तो यह है कि समाजवादी पार्टी में महिलाओं के सम्मान के लिए कोई जगह नहीं है. यहां सिर्फ एक जाति का गिरोह ही राज करता है. कोई भी उनके जंगल राज को नहीं भूला है... 'ट्विटर, एसी, पीसी' के नेता महोदय, थोड़ी सी शर्म तो दिखाइए.
बता दें कि सूर्या हत्याकांड और अमेठी से सपा विधायक महाराजी देवी के आवास पर हुई घटना के बाद से ही ओपी राजभर लगातार सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बैकफुट पर धकेलने में जुटे हैं.
ADVERTISEMENT









