CM Yogi In Mau: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन विधानसभा क्षेत्र स्थित गांधी मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और पूर्व सरकारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए साफ कहा कि आज के समय में कोई भी माफिया खुली जीप में घूमकर या पिस्तौल लहराकर किसी हिंदू को डरा-धमका नहीं सकता है. सीएम योगी ने जनता से कहा कि जब सही और अच्छे लोग चुनकर आते हैं, तो एक मजबूत व अच्छी सरकार बनती है, लेकिन जब गलत लोगों का चुनाव होता है तो सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा में सेंध लगती है. उन्होंने पूर्व की सरकारों के समय मऊ में फैले दंगे, कर्फ्यू और अराजकता के माहौल को याद दिलाते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया.
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सत्ता के संरक्षण में होता था तांडव
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने साल 2005 में मऊ में हुए दंगों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि करीब 21 साल पहले मऊ में भरत मिलाप और रामलीला के पावन अवसर पर दंगा करके जलाने की कोशिश की गई थी. उस समय की सरकार ने माफियाओं और दंगाइयों के आगे पूरी तरह घुटने टेक दिए थे. सत्ता के इसी संरक्षण के बल पर माफिया रामलीला, यज्ञ, रामनवमी, जन्माष्टमी और शिवरात्रि जैसे धार्मिक उत्सवों में जानबूझकर व्यवधान पैदा करते थे और निर्दोष हिंदुओं का कत्लेआम किया जा रहा था. स्थिति इतनी बदतर थी कि अगर गरीब जनता चंदा इकट्ठा करके भी कोई धार्मिक या सामाजिक आयोजन करना चाहती थी, तो उन्हें उत्सव मनाने की अनुमति तक नहीं दी जाती थी. उस दौर में विकास के सारे कार्य पूरी तरह ठप थे और चारों तरफ सिर्फ अराजकता का तांडव दिखाई देता था.
व्यापारी सूर्यास्त से पहले दुकानें बंद करने को थे मजबूर
सीएम योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में बेटियां डर के मारे स्कूल नहीं जा पाती थीं. सड़कों पर शोहदे उन्हें परेशान करते थे और कभी भी बेटियों का अपहरण कर लिया जाता था. कानून-व्यवस्था का खौफ खत्म होने के कारण व्यापारी वर्ग बेहद डरा हुआ था और सूर्यास्त होने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान व दुकानें बंद करने के लिए मजबूर था. अगर परिवार का कोई भी सदस्य सूरज ढलने से पहले घर वापस नहीं लौटता था.
युवाओं के सामने खड़ा हुआ था पहचान का संकट
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार होने वाले दंगों के कारण मऊ और पूरे उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने एक संकट खड़ा हो गया था. राज्य में नौकरियां तो मिलती नहीं थीं और जब यहां का युवा रोजगार की तलाश में प्रदेश के बाहर जाता था तो उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही लोग उनसे दस कदम पीछे हट जाते थे. इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि साल 2014 से लेकर 2017 तक उत्तर प्रदेश में रही सपा सरकार ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जानबूझकर राज्य में लागू नहीं होने दिया, जिससे जनता को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और विकास के कार्यों को पूरी तरह रोक दिया गया.
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