सपा कार्यालय में ऐसा क्या कर रहे थे विधायक अब्बास अंसारी? मऊ पुलिस के एक्शन पर भड़कर पत्रकारों को दिया ये चौंकाने वाला जवाब

MLA Abbas Ansari News: मऊ सदर विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी एक बार फिर कानूनी रुप से घिरते नजर आ रहे हैं.

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Abbas Ansari News: मऊ सदर विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी एक बार फिर कानूनी रुप से घिरते नजर आ रहे हैं. मऊ जिला पुलिस अब विधायक अब्बास अंसारी को कानूनी नोटिस भेजने की पूरी तैयारी कर रही है. पुलिस का दावा है कि अब्बास अंसारी ने पूर्व में जिला प्रशासन को बिना कोई सूचना दिए मऊ जनपद की सीमा में तीन बार प्रवेश किया है, जो कि सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा उन्हें दी गई अनुमति और शर्तों का सीधा-सीधा उल्लंघन है. दरअसल, अब्बास अंसारी पिछले कुछ दिनों से अपने विधानसभा क्षेत्र मऊ में लगातार सक्रिय हैं और उनके इस दौरों को लेकर अब मऊ पुलिस सख्त रुख अपनाने जा रहा है.

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मऊ में लगातार सक्रिय हैं अब्बास

पूरी जानकारी के मुताबिक, अब्बास अंसारी अपने सदर विधानसभा क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रहे हैं. इस दौरान वे कभी समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला कार्यालय में बैठकर जिलाध्यक्ष समेत तमाम बड़े नेताओं के साथ बंद कमरे में बात करते नजर आते हैं, तो कभी सपा के ही वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में मुख्य अतिथि बनकर अपनी विधायक निधि से तैयार हुई सड़क का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंच जाते हैं. हालांकि, सुभासपा के विधायक होने के बावजूद विरोधी दल समाजवादी पार्टी के साथ उनकी इस घनिष्ठता पर जब सवाल उठे, तो उन्होंने इसे केवल अपना व्यक्तिगत संबंध बताया. अब्बास का कहना है कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा और सपा का गठबंधन था, जिसके चलते नेताओं से ये नजदीकियां बनी हुई हैं.

तीन बार तोड़ा नियम

इस पूरे मामले पर मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनूप कुमार ने स्पष्ट की है. उन्होंने बताया कि गाजीपुर पुलिस ने पहले ही अब्बास अंसारी को एक नोटिस सर्व किया है, जिसके तहत उन्हें कोर्ट की शर्तों के मुताबिक गाजीपुर जिले में केवल तीन दिन प्रवास करने की अनुमति की बात कही गई है. वहीं मऊ जिले से जुड़े मामले पर एएसपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का बारीकी से परीक्षण कराया जा रहा है. कोर्ट के आदेश में साफ लिखा है कि जब भी विधायक मऊ जनपद की सीमा में प्रवेश करेंगे, तो उन्हें पहले से पुलिस और प्रशासन को लिखित जानकारी देनी होगी. लेकिन अब्बास अंसारी बिना किसी सूचना के तीन बार मऊ आ चुके हैं. पुलिस ने इस लापरवाही का कड़ा संज्ञान लिया है और अब कानूनी विशेषज्ञों से विधिक राय लेकर उन्हें नोटिस थमाने जा रही है, ताकि इस पूरे उल्लंघन की रिपोर्ट उचित माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जा सके.

'नोटिस मिलेगा तो जवाब देंगे' - अब्बास अंसारी

दूसरी तरफ, जब इस संभावित कानूनी नोटिस को लेकर खुद विधायक अब्बास अंसारी से सवाल पूछे गए, तो उन्होंने बड़े ही बेबाक और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया. सपा कार्यालय में मौजूद अब्बास अंसारी ने कहा कि मऊ पुलिस की तरफ से अभी तक उन्हें कोई भी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है, और जब ऐसा कोई नोटिस मिलेगा तो वे इसका जवाब देंगे. उन्होंने इसे प्रशासन और उनके बीच मामला बताते हुए कहा कि वे सीधे प्रशासन को ही अपनी सफाई देंगे और मामला चूंकि न्यायालय से जुड़ा है, इसलिए कोर्ट को भी वहीं से जवाब मिल जाएगा. जब पत्रकारों ने उनसे सपा कार्यालय में लंबी बैठक और आगामी रणनीति को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'हम आपको क्यों बता दें? हम लोग तो वहां बैठकर सुई में धागा डाल रहे थे.' इसके साथ ही जनता की शिकायतों के सवाल पर भी उन्होंने मीडिया से कह दिया कि जो परेशानी आपको है, वही सबको है.