'मंत्री ओपी राजभर मोटी रकम खाए होंगे, भोले-शोले राजभर को बचाया'... एनकाउंटर में मारे गए रवि यादव के भाई दीपक ने सुनाई नई कहानी!

Ravi Yadav Encounter Case Update: जौनपुर में रवि यादव एनकाउंटर के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. परिजनों ने यूपी पुलिस और ओपी राजभर पर फर्जी मुठभेड़, जातिवाद और मुख्य आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार ने न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

Ravi Yadav Encounter Case update

आदित्य भारद्वाज

27 May 2026 (अपडेटेड: 27 May 2026, 01:55 PM)

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Ravi Yadav Encounter Case Update: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख रुपये के इनामी आरोपी रवि यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर तो कर दिया. लेकिन इस एनकाउंटर पर खड़ा हुआ सियासी और सामाजिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब मृतक रवि यादव के परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर तथा यूपी पुलिस के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. परिजनों का सीधा आरोप है कि मंत्री ओपी राजभर ने मुख्य आरोपी भोले और शोले राजभर को बचा रहे हैं. जबकि रवि को महज 'यादव' होने की सजा देकर आगे कर दिया गया और उसका फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया. परिवार का ये भी कहना है कि अगर रवि यादव दोषी था तो पुलिस सबूत दिखाए. 

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'हमें सबूत दिखाए पुलिस'

एनकाउंटर में मारे गए रवि यादव की बुआ शर्मीला ने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा और जातिवादी बताया है. उन्होंने बातचीत में कहा कि 'अगर पुलिस बोल रही है कि रवि इस हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त था और वह गाड़ी चला रहा था तो हमें उसका सबूत दिया जाए. हमें कोई फोटो या वीडियो दिखाया जाए जिसमें वह घटनाक्रम में शामिल दिख रहा हो.पुलिस ने हमें रवि की डेड बॉडी तक नहीं दी, हमें धक्का देकर भगा दिया गया. बॉडी न सौंपने का मतलब है कि पुलिस ने चोरी की है. हमें अभी तक पोस्टमार्टम की कॉपी भी नहीं मिली है.'

शर्मीला ने आगे कहा कि इस घटना में शामिल शोले और भोले राजभर को जानबूझकर पीछे कर दिया गया और रवि को यादव होने के नाते आगे कर दिया गया. जात-बिरादरी देखकर यह काम किया गया है. उन्होंने मांग की कि 'जिस प्रकार ओम प्रकाश राजभर अपराधियों के दरवाजे गए वैसे ही अखिलेश यादव भी हमारे दरवाजे आएं, हम लोग सपाई थे और सपाई ही रहेंगे.' इसके साथ ही उन्होंने शरण देने के आरोप में 2 मई से जेल में बंद रवि के पिता को भी तुरंत छोड़ने की मांग की.

'मंत्री ने मोटी रकम खाकर अपराधियों को शरण दी'

रवि यादव के बड़े भाई दीपक यादव ने सीधे तौर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर और पुलिस प्रशासन के गठजोड़ पर हमला बोला है. दीपक ने आरोप लगाया कि 'ओम प्रकाश राजभर ने उन लोगों का नाम तक नहीं लिया जिनके ऊपर 14 से 16 मुकदमे दर्ज हैं. उन्होंने सिर्फ रवि यादव का नाम लिया क्योंकि वे मोटी रकम खाए होंगे. उन्होंने पैसा पाकर अपने शरण में भोले राजभर और प्रदीप बिंद को बैठा लिया है. इस सरकार में यादव कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. अगर हमारा भाई दोषी था और हमारे टच में होता तो हम खुद उसे पुलिस के सामने हाजिर कराते. लेकिन पुलिस ने हमें मौका ही नहीं दिया.'

प्रशासन के धोखे और मुठभेड़ की थ्योरी पर उठाए सवाल

दीपक ने पुलिस द्वारा शव को घर न ले जाने देने और पिता के साथ किए गए धोखे को लेकर कहा कि प्रशासन ने हमारे साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी की है. उन्होंने बताया कि 'पिताजी को जब जेल से लाया गया तो हमसे कहा गया कि उन्हें पोस्टमार्टम हाउस ले जाया जा रहा है. लेकिन पुलिस उन्हें सीधे रामघाट ले गई और भारी बल की मौजूदगी में जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया. पुलिस कहती है कि उनके नियम में कहीं नहीं लिखा कि डेड बॉडी सौंपी जाए. सब मिले हुए हैं और कुछ न कुछ छुपा रहे हैं.'

दीपक ने पुलिस की मुठभेड़ की कहानी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर वहां कथित मुठभेड़ हो रही थी तो दूसरा अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर कैसे भाग गया? पुलिस उसका भी प्रूफ दे. उधर घटना हुई और इधर तुरंत पुलिस ने हमारे घर छापा मार दिया,यह साफ दिखाता है कि पुलिस पहले से मिली हुई थी.

न्याय नहीं मिला तो करेंगे प्रदर्शन

इस दौरान रवि यादव के परिजनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप बैठने वाले नहीं हैं. दीपक यादव का कहना है कि उनका भाई चला गया है लेकिन अब जब तक इस केस के बाकी नामजद आरोपियों (प्रदीप बिंद और भोले राजभर) का भी एनकाउंटर नहीं हो जाता तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे. परिवार ने साफ कहा है कि अगर उन्हें जल्द ही न्याय नहीं मिला तो वे जिलाधिकारी  और एसडीएम के दफ्तरों का घेराव करेंगे और सड़कों पर उतरकर उग्र धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.