यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के शो की तीन बड़ी खबरों में पहली खबर गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुए सूर्य चौहान हत्याकांड और आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रौद्र रूप और उनके 'शस्त्र उठाने' वाले बयान की है. दूसरी खबर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मौलानाओं को सीएम योगी द्वारा 'दोगलापन' छोड़ने और गाय को पशु की जगह 'मां' मानने की नसीहत देने की है. जबकि तीसरी बड़ी खबर में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार पर मौलानाओं की चुप्पी और भारत के नागरिकता कानून (CAA) पर उनके विरोध पर सीएम योगी के तीखे सियासी प्रहार का विश्लेषण शामिल है.
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1. सूर्य चौहान हत्याकांड पर भड़के सीएम योगी
गाजियाबाद में बकरीद के दिन सूर्य चौहान नाम के युवक की उसके ही मुस्लिम दोस्तों द्वारा चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर कर दिया. लेकिन इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गुस्सा सातवें आसमान पर है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री का अब तक का सबसे रौद्र रूप देखने को मिला.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान भगवत गीता के श्लोक 'परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम' का उल्लेख करते हुए कहा कि हम केवल सज्जनों के लिए सज्जन हैं, दुर्जनों के लिए हमारी भाषा और शैली वही होगी जो वो समझते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर मर्डर के बाद रील बनाने वाले अपराधियों को कड़ा संदेश दिया कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने आरोपियों के परिजनों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अपनी नालायक औलादों को समझा नहीं पा रहे हैं, वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं.
2. मौलानाओं के 'दोगलेपन' पर बरसे योगी
देशभर में मौलानाओं द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठ रही मांगों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद तीखा रुख अपनाया. उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि मौलानाओं का यह दोगलापन अब उत्तर प्रदेश में नहीं चलेगा.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'जो लोग हमारे हिंदुओं, सिखों और बौद्धों का विरोध करते हैं, आज वो ज्ञापन लेकर घूम रहे हैं कि गौ को राष्ट्रीय पशु घोषित करो. अरे गौ माता कोई पशु नहीं हैं, वह हमारी माता हैं और उनके साथ हमारा जन्म-जन्मांतर का नाता है.' सीएम योगी ने नसीहत देते हुए कहा कि मौलानाओं को ज्ञापन देने के बजाय अपने उन उपद्रवियों को समझाना चाहिए जो बकरीद के दिन सोशल मीडिया पर गौ माता की तस्वीरें लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर वे नहीं सुधरे तो ऐसी दुर्गति होगी कि उनकी कई पीढ़ियां याद रखेंगी.
3. पाकिस्तान-बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर मौलाना मौन क्यों?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इस जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने उस वोट बैंक को सीधे निशाने पर लिया जो तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देता है. मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनियों) पर हुए अत्याचारों का जिक्र करते हुए विरोधियों को आड़े हाथों लिया. मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा 'जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में हमारे भाई-बहनों पर अत्याचार हो रहे थे तब इन लोगों का मुंह पूरी तरीके से बंद था. तब ये एक शब्द नहीं बोल रहे थे. लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन पीड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए (CAA) कानून बनाया तो इन लोगों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया.'
सीएम योगी ने साफ किया कि उस कानून में किसी भी भारतीय मुसलमान की संपत्ति या नागरिकता छीनने की बात नहीं थी. इसके बावजूद सिर्फ विरोध की राजनीति के लिए माहौल खराब किया गया. मुख्यमंत्री के इस बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख से यह साफ है कि आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर राजनीतिक ध्रुवीकरण और तेज होने वाला है.
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