Prateek Yadav Real Estate Dispute: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी दुखद खबर के बीच अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव को लेकर कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वह व्यापार में भारी वित्तीय नुकसान और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे. जानकारी के मुताबिक, कारोबार में हुए नुकसान के बाद प्रतीक यादव ने धोखाधड़ी और जबरन वसूली का मामला भी दर्ज कराया था. बता दें यह शिकायत जुलाई 2025 में दर्ज की गई थी.
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पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई?
जानकारी के अनुसार चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडेय ने रियल एस्टेट निवेश के नाम पर प्रतीक यादव से करोड़ों रुपये निवेश करवाए थे. इस दौरान प्रतीक यादव को कंपनी का प्रमोटर बनाया गया, जबकि जमीन खरीद-बिक्री और एग्रीमेंट की जिम्मेदारी कृष्णानंद पांडेय ने अपने पास रखी. आरोप है कि कई जमीनें बेचने के बाद भी रकम का सही हिसाब नहीं दिया गया. जब प्रतीक यादव ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कथित तौर पर पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई. साथ ही परिवार की छवि खराब करने के लिए फेक ऑडियो वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया. शिकायत में यह भी कहा गया कि कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय ने मिलकर करीब चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. इस मामले में गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस जांच में जुटी हुई थी.
भाई के निधन पर बोले अखिलेश
इसी बीच प्रतीक यादव के निधन के बाद अखिलेश यादव का बयान भी सामने आया. उन्होंने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी जागरूक थे और फिटनेस पर विशेष ध्यान देते थे. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक बिजनेस में काफी व्यस्त रहते थे और कई बार व्यापार में नुकसान होने पर इंसान मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है. उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्होंने प्रतीक से कहा था कि वह अपने बिजनेस पर ध्यान दें और ज्यादा तनाव न लें. अखिलेश यादव ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा परिवार एकजुट होकर खड़ा है.
कई दिनों से चल रहा था इलाज
बता दें कि प्रतीक यादव अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और फिटनेस को लेकर अक्सर चर्चा में रहते थे. सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत भी ठीक नहीं चल रही थी और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. बताया जा रहा है कि वह मानसिक तनाव से भी जूझ रहे थे और नसों से जुड़ी समस्या का उपचार जारी था. बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. फिलहाल मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.
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