Sujit Singh Police Clash: मऊ जिले के दोहरीघाट रेलवे स्टेशन पर आयोजित मेमो ट्रेन उद्घाटन कार्यक्रम में उस समय भारी बवाल हो गया जब घोसी से पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह और पुलिसकर्मियों के बीच मंच पर जाने को लेकर तू-तू मैं-मैं और धक्का-मुक्की शुरू हो गई. मामला इतना गरमा गया कि मंच पर बैठे सपा सांसद राजीव राय को हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने मौके पर मौजूद सीओ को जमकर फटकार लगाई और वर्दी उतारकर राजनीति करने तक की चेतावनी दे डाली. इस सियासी ड्रामे ने उद्घाटन के उत्साह को हंगामे में बदल दिया.
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सुजीत सिंह और पुलिस के बीच भिड़ंत
कार्यक्रम के दौरान जब सुजीत सिंह मंच पर जाने की कोशिश कर रहे थे तब पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने उन्हें रोक लिया. सुजीत सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें जबरन नीचे धकेला. उन्होंने कहा कि 'मंच पर ऐसे लोग बैठे थे जो कभी ग्राम प्रधान तक नहीं बने. लेकिन जनप्रतिनिधियों को अपमानित कर नीचे उतारा जा रहा था.' उन्होंने इसे सत्ता के इशारे पर किया गया अपमान बताया.
सांसद राजीव राय का गुस्सा
मंच पर हो रही खींचतान को देख सपा सांसद राजीव राय अपनी कुर्सी छोड़कर नीचे आए और पुलिस अधिकारियों पर बरस पड़े. उन्होंने सीओ मधुबन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर समाजवादी कार्यकर्ता अनुशासित न होते तो अब तक सस्पेंशन की नौबत आ जाती. उन्होंने खुलेआम चुनौती दी कि 'वर्दी उतार लो और भाजपा की राजनीति करो. अगर किसी निर्दोष कार्यकर्ता पर मुकदमा हुआ तो इतने मुकदमे ठोकूंगा कि कोर्ट में माफी मांगनी पड़ेगी.'
ए.के. शर्मा के सामने भी तल्ख तेवर
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि राजीव राय ने न केवल पुलिस को हड़काया बल्कि कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा के सामने भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ भी पुलिस की धक्का-मुक्की हुई जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया.
सत्ता और विपक्ष के बीच वार-पलटवार
सपा नेताओं का तर्क है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से जनता की सुविधा के लिए वहां पहुंचे थे. लेकिन पुलिस ने 'सरकारी आदेश' का हवाला देकर उन्हें रोका. वहीं पुलिस का पक्ष है कि मंच पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था.
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