UP में कितनी सीट जीत रही राहुल-अखिलेश की जोड़ी? लक्ष्मण यादव का कैलकुलेशन चौंका देगा

हर्ष वर्धन

13 Sep 2026 (अपडेटेड: 13 Sep 2026, 08:31 PM)

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. लक्ष्मण यादव ने 'न्यूज तक' पर यूपी चुनाव 2027, सपा-कांग्रेस गठबंधन, मायावती और बीएसपी की कलह तथा बीजेपी के एंटी-इन्कंबेंसी फैक्टर पर खुलकर अपनी राय रखी. लक्ष्मण यादव के अनुसार, 2027 का उत्तर प्रदेश चुनाव देश के लोकतंत्र और अगले कई दशकों की राजनीति की दिशा तय करेगा.

Photo: Dr. Laxman Yadav

Photo: Dr. Laxman Yadav

Google CTA

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल अभी से तेज हो गई है. हमारे सहयोगी 'न्यूज तक' के विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए राजनीतिक विश्लेषक और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. लक्ष्मण यादव ने प्रदेश के नए सियासी समीकरणों पर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल चुका है और 2027 का चुनाव केवल राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और भविष्य की राजनीति तय करेगा.

यह भी पढ़ें...

सपा-कांग्रेस गठबंधन, मायावती की बीएसपी में जारी अंदरूनी कलह और सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ पनप रही कथित एंटी-इन्कंबेंसी पर खुलकर बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव निष्पक्ष होते हैं, तो इंडिया अलायंस 240 से 280 सीटें हासिल कर सकता है, जिसमें अकेले समाजवादी पार्टी 200 के पार रहेगी. बीएसपी समर्थकों की निराशा और अखिलेश यादव के 'पीडीए' दांव को उन्होंने इस चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया है.

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर क्या बोले?

कांग्रेस नेता इमरान मसूद के इस बयान पर कि सपा को मिली 37 सीटें कांग्रेस के दलित वोट ट्रांसफर होने से आईं और गठबंधन में 200 सीटों की मांग की बात पर लक्ष्मण यादव ने कहा, "गठबंधन को केवल अखिलेश यादव और राहुल गांधी के तालमेल के नजरिए से देखा जाना चाहिए, जो कि बेहद मजबूत और बेहतर है. सीटों का बंटवारा चुनाव आने पर बहुत आसानी से हो जाएगा."

सपा बड़ा भाई: "उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ही गठबंधन में बड़ी भूमिका (बड़ा भाई) में है, जिसके वर्तमान में सवा सौ के करीब विधायक और 37 सांसद हैं. आंकड़ों की बाजीगरी पर जाने के बजाय यह देखना होगा कि कौन सा दल कितनी सीटें जीत सकता है."

पीडीए का नैरेटिव: "उत्तर प्रदेश में सपा का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एक समावेशी और मजबूत राजनीतिक नैरेटिव बन चुका है. अखिलेश यादव की रणनीति बहुत गहरी है और वे छोटे-छोटे स्तर पर अपना प्रचार करा रहे हैं."

मायावती और बीएसपी की अंदरूनी कलह पर लक्ष्मण यादव ने ये कहा

समर्थकों में भारी निराशा: "बीएसपी कभी एक मिशनरी और फाइटर पार्टी हुआ करती थी, जिसने दलितों को राजनीतिक रूप से सशक्त किया. लेकिन आज जिस तरह एक उभरते चेहरे (आकाश आनंद) का राजनीतिक करियर प्रभावित किया जा रहा है, उससे पार्टी के कोर समर्थक बेहद निराश हैं."

इंडिया गठबंधन की तरफ शिफ्ट होगा वोटर: "दलितों और शोषित वर्ग के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के बावजूद बीएसपी का ढुलमुल रवैया (अखिलेश यादव पर ज्यादा हमलावर होना) उसके वोटरों को नाराज कर रहा है."

सपा का वैचारिक बदलाव: "2024 के चुनाव में भी अनुसूचित जाति के बड़े हिस्से ने संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन को वोट दिया था. अखिलेश यादव अब बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के विचारों को पूरी तरह अपना चुके हैं (पार्टी दफ्तरों में आंबेडकर की फोटो, बाबा साहब वाहिनी का गठन आदि). 2027 में निराश बीएसपी वोटर का बड़ा हिस्सा इंडिया गठबंधन की तरफ शिफ्ट होगा."

इंडिया गठबंधन जीत सकता है 240-280 सीटें

जब लक्ष्मण यादव से 403 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा,

240 से 280 सीटें जीतेगा इंडिया अलायंस: "अगर चुनाव में धांधली न हो और लोकतंत्र का सम्मान रहे, तो आज के माहौल के हिसाब से इंडिया अलायंस 240 से 280 के बीच सीटें जीत सकता है."

सपा 200 के पार: "इस कुल आंकड़े में समाजवादी पार्टी अकेले कम से कम 200 के ऊपर सीटें हासिल करेगी."

बीजेपी की ढलान शुरू: "बीजेपी के पास अभी भले ही भारी बढ़त हो, लेकिन अब उसकी ग्राफ नीचे की ओर लुढ़क रहा है. 10 साल की एंटी-इन्कंबेंसी, रोजगार, खाद और नौकरियों में धांधली जैसे मुद्दों से जनता नाराज है. सरकार काम पर चुनाव न लड़कर नफरत के एजेंडे और धर्म की पिच पर चुनाव लड़ने की कोशिश कर रही है."

यहां देखें नया शो

ये भी पढ़ें: मायावती ने आकाश आनंद को निकाला तो चंद्रशेखर ने बढ़ाया अपना हाथ, बोले-'आकाश आनंद के लिए पार्टी के दरवाजे हमेशा खुले हैं'