उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार सहनी की हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. हत्या के विरोध में भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) एक साथ नजर आ रहे हैं. कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ में धरना दिया. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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धारदार हथियारों से किया गया था हमला
गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेकसड़िया गांव के निवासी विनोद कुमार सहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे. वह बुधवार शाम अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे. तभी चार मोटरसाइकिलों पर सवार 10 लोगों ने लल्लन यादव की दुकान के पास उन्हें रोककर भाले सहित धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि हमलावर उन्हें मरा हुआ समझकर भाग गए थे. विनोद को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर गोंडा के मेडिकल कॉलेज और बाद में हालत बिगड़ने पर लखनऊ स्थानांतरित किया गया. लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई. मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था.
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ था विवाद, 2 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पीड़ित और आरोपियों के बीच सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर विवाद की बात सामने आई है.
शुरुआत में विनोद की शिकायत के आधार पर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, जिनमें शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह शामिल हैं. मौत के बाद एफआईआर में हत्या की धारा जोड़ दी गई है. पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू और सुभाष सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं.
केजीएमयू के बाहर धरने पर बैठे मंत्री संजय निषाद और सपा नेता
घटना के बाद लखनऊ स्थित केजीएमयू के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ. विनोद साहनी की मौत की खबर मिलते ही यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप के साथ धरने पर बैठ गए.
संजय निषाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मदद का आश्वासन दिया और परसपुर थाना प्रभारी, शाहपुर चौकी प्रभारी तथा अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे 11 सितंबर को गोंडा में पुलिस अधीक्षक के आवास और कार्यालय के बाहर धरना देंगे.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित सपा से जुड़ा एक बर्तन व्यापारी था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के तहत उत्तर प्रदेश अपराध और अराजकता की पराकाष्ठा पर पहुंच गया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस बल को झूठे मामलों और मुठभेड़ों में शामिल करके कमजोर व भ्रष्ट किया जा रहा है. वहीं, सपा नेता राजपाल कश्यप ने आरोप लगाया कि योगी सरकार में दलित और पिछड़े समाज के लोग सुरक्षित नहीं हैं.
जातीय समीकरण और पुलिस पर लापरवाही के आरोप
मृतक विनोद कुमार साहनी ओबीसी समुदाय की मल्लाह (निषाद) जाति से थे, जबकि आरोपी ठाकुर जाति से हैं. मृतक के निषाद समुदाय से होने के कारण कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सपा नेता राजपाल कश्यप और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी इस हत्या के विरोध में आगे आए. नेताओं का आरोप है कि गोंडा की परसपुर थाना पुलिस और स्थानीय चौकी प्रभारी ने मामले में लापरवाही बरती और समय पर सख्त कदम नहीं उठाए.
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