मायावती ने आकाश आनंद को निकाला पार्टी से बाहर, छोटे भाई ईशान ने दिया ये रिएक्शन

यूपी तक

• 11:09 AM • 10 Sep 2026

मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बसपा से बाहर कर दिया. ससुर अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद यह फैसला आया. आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद ने मायावती के पोस्ट को रीपोस्ट कर उनका समर्थन किया.

Mayawati with Akash and Ishan

Mayawati with Akash and Ishan

Google CTA

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने फिर एक बार अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. मायावती ने कहा कि बुधवार को उन्होंने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी. उनके इस पोस्ट को आकाश आनंद ने रीपोस्ट तक नहीं किया. वहीं जब आज सुबह अशोक सिद्धार्थ ने सामाजिक और सियासी जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया तो उसके कुछ देर बाद ही मायावती ने अपने भतीजे आकाश को पार्टी से आउट कर दिया. मायावती ने कहा कि अगर आकाश को अपने कैरियर की चिंता होती तो वह उनके पोस्ट को कम से कम रीपोस्ट जरूर करते, जैसे वो पहले करते थे. बड़े भाई को पार्टी से निकाले जाने के बाद आकाश के छोटे भाई ईशान ने इसपर रिएक्शन दिया है. 

यह भी पढ़ें...

ईशान आनंद ने मायवती के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा, "बहुजन आंदोलन किसी व्यक्ति या परिवार से नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और विचारधारा से आगे बढ़ता है. निजी व पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर संगठन और मिशन के हित को सर्वोच्च रखना ही बाबा साहेब और मा. कांशीराम जी के सपनों को साकार करने का मार्ग है. 2027 में बहुमत की सरकार लक्ष्य सर्वोपरि."

ईशान आनंद के इस पोस्ट से साफ है कि वह खुलकर अपनी बुआ का समर्थन कर रहे हैं. गौरतलब है कि बीते दिनों जब मायावती ने आकाश से जिम्मेदारियां छीनी तब उन्होंने ईशान को 15 राज्यों की समीक्षा का चार्ज दिया था. यानी अब मायावती के इन कदमों से साफ नजर आ रहा है कि आने वाले दिनों में ईशान पार्टी में और बड़ी जिम्मेदारियां निभाते हुए नजर आ सकते हैं. देखना तो यह भी दिलचस्प होगा कि आकाश आनंद बसपा से निकाले जाने के बाद क्या करते हैं? क्या आकाश अपनी नई पार्टी बनाएंगे, क्या वह किसी दूसरी पार्टी को जॉइन करेंगे या फिर वो कोई तीसरा काम करेंगे? इतना जरूर तय है कि आगमी यूपी चुनाव से पहले बसपा चर्चा के केंद्र में रहगी.

ये भी पढ़ें: 'रीपोस्ट तक नहीं किया पोस्ट'... आकाश आनंद की वफादारी पर मायावती ने उठाए सवाल, पार्टी से किया 'आजाद'