समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी के CO सिटी अशोक सिंह की मूंछों को लेकर एक बार फिर टिप्पणी की है. इस बार अखिलेश नेएक बुजुर्ग व्यक्ति की क्लोज-अप फोटो शेयर की, जिसमें उनकी घनी और खास अंदाज में मुड़ी हुई मूंछें दिख रही हैं. फोटो शेयर कर उन्होंने लिखा कि अच्छा लगता है ऐसी मूछों पर ताव….
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इससे पहले लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकार ने उनसे CO के मूंछों पर ताव देने वाले वायरल वीडियो और 2027 के निष्पक्ष चुनाव को लेकर सवाल पूछा तो अखिलेश यादव ने अपने अंदाज में जवाब दिया था.
अखिलेश यादव ने कहा, 'मूंछें छोटी थी उनकी. मूंछें हों तो नत्थूराम जैसी हों... कौन-सी फिल्म थी वो शराबी... क्या मूंछें हैं बताओ कुछ मूंछें ही नहीं हैं.' इसके बाद उन्होंने इसे सरकार के अहंकार से जोड़ते हुए कहा, 'देखिए ये अहंकार है सरकार का. किसी का आशीर्वाद है ऊपर, इसकी वजह से ये है.'
पहले X पर अखिलेश यादव ने क्या लिखा था?
DSP अशोक सिंह के वायरल वीडियो और बाद में दी गई सफाई पर रिएक्शन देते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि वह अधिकारी के निलंबन की मांग नहीं करेंगे. अखिलेश यादव की पोस्ट के बाद भी मामला काफी चर्चा में रहा था. अब उनके नए पोस्ट ने इस विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है.
क्या था पूरा वायरल वीडियो विवाद?
दरअसल, पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर DSP अशोक सिंह परिजनों और ग्रामीणों से बात कर रहे थे. इसी दौरान कुछ लोग उनका वीडियो बनाने लगे. विवाद बढ़ने पर DSP ने अपनी मूंछों पर ताव दिया और कैमरे के सामने कहा था-
“क्या वीडियो बना रहे हो... बनाओ-बनाओ. ये देखो नाम अशोक कुमार सिंह, पिता का नाम बलबीर सिंह, आजमगढ़ के रहने वाले हैं. बना लो वायरल कर देना... अखिलेश यादव को दे देना यह.”
DSP ने सफाई में क्या कहा था?
इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया था. विवाद बढ़ने के बाद DSP अशोक सिंह ने वायरल वीडियो को लेकर सफाई दी थी. उन्होंने कहा था कि पुलिस पर अनावश्यक राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था और एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की साजिश की जा रही थी.
DSP के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की शाम एलाऊ क्षेत्र के अघार गांव में एक हेल्पर की हत्या हुई थी. पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी मोहित यादव को गिरफ्तार कर लिया था.
उन्होंने दावा किया था कि गांव के प्रधान ने राजनीतिक रंजिश के चलते निर्दोष कन्हैया यादव को फंसाने के लिए हंगामा करवाया, जबकि घटना के वक्त कन्हैया यादव करीब 30 किलोमीटर दूर था.
DSP ने यह भी आरोप लगाया था कि पोस्टमॉर्टम हाउस पर उन्हें एक खास जाति का अधिकारी बताकर निशाना बनाया जा रहा था और उनका वीडियो बनाकर किसी नेता को भेजने की धमकी दी जा रही थी. इसी माहौल में उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई की बात कहते हुए जवाब दिया था.
मूंछें छोटी थी उनकी... मूंछों पर ताव देने वाले मैनपुरी DSP अशोक सिंह पर अखिलेश यादव का फिर से पलटवार
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