उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही सरकार की ओर से उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया है. योगी सरकार 1.0 में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग के राज्य मंत्री रह चुके रजा की इस नई नियुक्ति से प्रदेश की सियासत में उनका कद और भूमिका एक बार फिर बेहद अहम हो गई है.
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नियुक्ति से पहले सीएम योगी से मुलाकात
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पद संभालने से ठीक कुछ समय पहले मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी. 12 अगस्त को हुई इस अहम बैठक में उन्होंने प्रदेश के शिया और सुन्नी वक्फ बोर्डों में बड़े पैमाने पर चल रही कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था.
रजा ने मुख्यमंत्री के समक्ष जिला स्तर पर वक्फ संपत्तियों की SIT (विशेष जांच दल) जांच और एक विशेष ऑडिट कराने की मांग रखी थी. उनके अनुसार प्रदेश में पहले 2 लाख से अधिक पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं जो अब घटकर केवल 1.27 लाख के आसपास रह गई हैं.
'पिछली सरकारों में गायब हुईं 70 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियां'
मोहसिन रजा ने आरोप लगाया था कि पिछली सरकारों के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का पारदर्शी तरीके से ऑडिट नहीं कराया गया. इसी लापरवाही और धांधली के कारण लगभग 70 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियां या तो सरकारी रिकॉर्ड से गायब हो गईं या फिर उन पर अवैध कब्जे हो गए. अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी इस नियुक्ति के बाद वक्फ संपत्तियों के रखरखाव और जांच प्रक्रिया में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
कौन हैं मोहसिन रजा?
मोहसिन रजा का व्यक्तित्व सिर्फ राजनीति तक ही सीमित नहीं है. उनका सफर बहुआयामी रहा है. मोहसिन रजा एक क्रिकेटर रहे हैं और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उत्तर प्रदेश की रणजी ट्रॉफी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. खेल के साथ-साथ रजा का जुड़ाव ग्लैमर और अभिनय की दुनिया से भी रहा.साल 1995 में उन्हें 'प्रिंस लखनऊ' के खिताब से नवाजा गया था.
2014 में थामा था बीजेपी का दामन
मोहसिन रजा ने 2014 के आम चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी. अपनी वाकपटुता के कारण उन्हें जल्द ही यूपी बीजेपी का आधिकारिक प्रवक्ता बनाया गया. 2017 में जब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनी तो मोहसिन रजा को मंत्री बनाया गया. वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य भी रहे.
क्यों खास है यह नियुक्ति?
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में मोहसिन रजा को कैबिनेट रैंक दिया जाना यह संकेत देता है कि राज्य सरकार मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों, विशेष रूप से वक्फ सुधार, छात्रवृत्ति योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों को लेकर बेहद गंभीर है. उनकी इस नई भूमिका से संगठन और सरकार दोनों के स्तर पर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई है.
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