यूपी Tak के खास शो आज का यूपी में हम उत्तर प्रदेश की राजनीति और राज्य से जुड़ी तीन बड़ी खबरों का सटीक विश्लेषण करते हैं. आज के एपिसोड की तीन सबसे बड़ी खबरों में-पहली खबर है बहुजन समाज पार्टी (BSP) से पदमुक्त किए गए आकाश आनंद को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का दिया गया 'इशारों-इशारों में ऑफर' और उसके पीछे के सियासी समीकरण. दूसरा, ससुर अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद भी मायावती का कड़ा रुख और आकाश आनंद की भावी रणनीति. तीसरा, सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बयानों पर भड़के सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव का पलटवार, जिसमें उन्होंने राजभर को "इलाज कराने" तक की सलाह दे डाली है.
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आकाश आनंद को अखिलेश यादव का 'ऑफर' और सियासी चाल
बीएसपी सुप्रीमो मायावती द्वारा आकाश आनंद को दोबारा पदमुक्त किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया उबाल आ गया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान चर्चा का केंद्र बना हुआ है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकार ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या वह बाहर चल रहे आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल करेंगे तो अखिलेश ने चुटकी लेते हुए रिपोर्टर से कहा 'अगर तुम लेके आओगे तो ले लेंगे.'
दलित वोट बैंक पर नजर
हालांकि यह बात साफ है कि आकाश आनंद न तो बीएसपी छोड़ेंगे और न ही सपा का दामन थामेंगे. लेकिन अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर दलित मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने की एक सोची-समझी रणनीतिक चाल मानी जा रही है.
ससुर के संन्यास के बाद भी नहीं पिघलीं मायावती
आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को पत्र लिखकर सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से पूरी तरह संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. उन्होंने अपने पत्र में साफ किया कि पार्टी पर कब्जे या आकाश को गुमराह करने का आरोप पूरी तरह झूठा है. इसके बावजूद बीएसपी सुप्रीमो का मन नहीं पिघला.
मायावती ने आकाश आनंद को पदमुक्त करने के पीछे वजह बताई कि उनके ट्वीट करने के बाद भी आकाश ने उसे री-ट्वीट नहीं किया जिससे साफ है कि वह पार्टी की नीतियों से पूरी तरह सहमत नहीं दिख रहे.
आकाश आनंद का अगला कदम
सूत्रों के मुताबिक, आकाश आनंद ने फिलहाल अपना एक्स अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया है और वह राजनीति से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं. जानकार मान रहे हैं कि वह सोशल मीडिया से कटे रहेंगे और पार्टी में वापसी के लिए सही समय और मायावती के रुख के नरम होने का इंतजार करेंगे.
ओम प्रकाश राजभर पर भड़के शिवपाल यादव
सुभासपा (SBRSP) अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर हमलावर हैं. अब उनके इन बयानों का जवाब देने का मोर्चा सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने संभाल लिया है.
शिवपाल यादव ने ओम प्रकाश राजभर पर पलटवार करते हुए कहा कि जब राजभर जिस पार्टी में रहते हैं उसी के खिलाफ बोलने लगते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले राजभर बीजेपी नेताओं, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक के लिए अभद्र बयान देते थे. शिवपाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा 'इनकी बुद्धि भ्रमित हो गई है, अब इन्हें इलाज की जरूरत है." माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ओम प्रकाश राजभर और शिवपाल यादव के बीच जुबानी जंग और तेज होगी.
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