Prateek Yadav News: प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन हो गया है. इसके बाद से सपा और यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है. खुद सपा चीफ अखिलेश यादव छोटे भाई की मौत पर भावुक हुए और पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे. इसी बीच ये भी सामने आया है कि प्रतीक यादव करोड़ों की ठगी को लेकर परेशान चल रहे थे. प्रतीक की मौत के बाद खुद अखिलेश यादव ने भी ये कहा कि कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है.
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प्रतीक के साथ क्या चल रहा था?
जानकारी के मुताबिक चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडेय ने रियल एस्टेट कारोबार में निवेश कराने के नाम पर प्रतीक यादव से करोड़ों रुपये लगवाए थे. इस दौरान प्रतीक यादव को कंपनी का प्रमोटर बनाया गया, जबकि जमीन की खरीद-बिक्री और एग्रीमेंट से जुड़े सभी काम कृष्णानंद पांडेय अपने स्तर पर संभाल रहे थे.
आरोप है कि कई संपत्तियां बेचने के बावजूद निवेश की गई रकम का पूरा हिसाब नहीं दिया गया. बताया गया कि जब प्रतीक यादव ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कथित तौर पर पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई. इसके अलावा परिवार की छवि खराब करने के लिए फर्जी ऑडियो वायरल करने की बात भी कही गई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय ने मिलकर करीब 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. इस मामले में गौतमपल्ली थाने में केस दर्ज किया गया था और पुलिस जांच कर रही थी.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
प्रतीक यादव के निधन के बाद अखिलेश यादव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर काफी सजग रहते थे. अखिलेश यादव के मुताबिक, प्रतीक बिजनेस के कामों में काफी व्यस्त रहते थे और कारोबार में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है. उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार प्रतीक को सलाह दी थी कि वह अपने काम पर ध्यान दें और ज्यादा तनाव न लें. अखिलेश यादव ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा परिवार एकजुट होकर खड़ा है.
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