Explainer: जब अखिलेश सरकार पर बरस पड़े थे मुलायम, बोले थे- 15 दिन का CM बना दो, कानून व्यवस्था सुधार दूंगा*

यूपी की राजनीति में मुलायम सिंह यादव का 13 साल पुराना बयान फिर चर्चा में है. मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को साल 2013 का वो दौर याद दिलाया है, जब खुद मुलायम सिंह ने अपनी ही सपा सरकार की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सरेआम चिंता जताई थी.

File Photo: Akhilesh Yadav and Mulayam Singh Yadav

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यूपी तक

• 11:49 AM • 06 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 13 साल पुराना एक बयान फिर चर्चा में है. योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की वह नसीहत याद दिलाई है, जो उन्होंने 2013 में कानून व्यवस्था को लेकर दी थी. राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी खबर का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि वह अखिलेश यादव को कुछ नया नहीं बता रहे, बल्कि उनके "बाबूजी" की कही हुई बात याद दिला रहे हैं. इसके बाद एक बार फिर उस दौर की चर्चा शुरू हो गई है, जब मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक मंच से अपनी ही सरकार के कामकाज और कानून व्यवस्था पर चिंता जताई थी.

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आखिर क्या था मामला?

साल 2012 में समाजवादी पार्टी पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी और अखिलेश यादव पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. लेकिन सरकार बनने के कुछ ही महीनों बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे. हत्या, लूट, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा था.

इसी माहौल में 4 जून 2013 को एक कार्यक्रम के दौरान मुलायम सिंह यादव ने मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी. उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है और अगर उन्हें सिर्फ 15 दिन के लिए मुख्यमंत्री बना दिया जाए तो वह हालात सुधार देंगे.

मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा था कि सरकार को अपराधियों और दबंगों के खिलाफ सख्ती दिखानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर मजबूत पकड़ रखनी चाहिए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

मंत्रियों को भी लगाई थी फटकार

मुलायम सिंह यादव का यह पहला ऐसा बयान नहीं था. अखिलेश सरकार के दौरान कई मौकों पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी सरकार और मंत्रियों को नसीहत दी थी. अखिलेश सरकार में कानून व्यवस्था का आलम ऐसा हो गया था कि 2013 में ही डॉ. राम मनोहर लोहिया जयंती के एक कार्यक्रम में मुलायम सिंह ने यहां तक कह दिया था कि अगर ऐसा ही माहौल रहा तो दोबारा सत्ता में लौटना मुश्किल होगा. उन्होंने मंत्रियों को भी चेतावनी देते हुए कहा था कि वे मौज मस्ती के लिए पद नहीं पाए हैं. 

मुलायम ने यह तक कहा था कि प्रदेश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार तहसीलों और थानों में है. उन्होंने पार्टी नेताओं और मंत्रियों को चेताते हुए कहा था कि गुंडों की पैरवी बंद होनी चाहिए.

अब क्यों चर्चा में है यह बयान?

दरअसल, इन दिनों प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज है. समाजवादी पार्टी लगातार योगी सरकार को इस मुद्दे पर घेर रही है, जबकि भाजपा नेता जवाब में सपा शासनकाल का रिकॉर्ड सामने रख रहे हैं.

इसी कड़ी में ओमप्रकाश राजभर ने मुलायम सिंह यादव के 2013 वाले बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा. राजभर का कहना है कि जब खुद मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार के दौरान कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, तो आज सपा को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने पुराने दौर को भी याद करना चाहिए.