उत्तर प्रदेश के कानपुर में चल रहे यूपी Tak के विशेष और भव्य कार्यक्रम 'विकसित UP बैठक' में राज्य के दिग्गज राजनेता और प्रशासनिक अधिकारी शिक्षा, रोजगार, और यूपी के विकास के ब्लूप्रिंट पर सीधी चर्चा कर रहे हैं. इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 'विकसित UP बैठक' के मंच पर शिरकत की और अपने विभाग की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं व राज्य की सियासत पर खुलकर अपनी बात रखी.
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यूपी Tak के विशेष मंच पर परिवहन विभाग की रफ्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि विभाग अपनी पूरी रफ्तार से काम कर रहा है. उत्तर प्रदेश इस समय देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन चुका है. जो दूरी पहले 10 से 12 घंटे में पूरी होती थी, वह अब मात्र 4 से 5 घंटे में पूरी हो रही है. उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा, "जब मैं छात्र था और बलिया से आता था, तो 15 घंटे लगते थे, लेकिन आज हम लोग केवल 4 घंटे में बलिया पहुंच जाते हैं".
बसों का बेड़ा हुआ दुगना, 43 जिलों में चल रहीं इलेक्ट्रिक बसें
परिवहन मंत्री ने विभाग के बेड़े में हुए विस्तार के आंकड़े साझा करते हुए बताया:
- जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तब विभाग के पास मात्र 8,000 बसें थीं, जो आज बढ़कर 15,000 बसें हो चुकी हैं. यानी पिछले कुछ सालों में बेड़े को दोगुना किया गया है.
- पहले उत्तर प्रदेश के केवल 15 शहरों में इलेक्ट्रिक बसें संचालित थीं, लेकिन आज प्रदेश के 43 जनपदों में इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं.
- वर्तमान में सभी बसों में जीपीएस (GPS) सुविधा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन (Panic Button) लगाए गए हैं.
- बसों की औसत आयु आज 5 वर्ष 3 महीना है, जिसके साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे 'युवा फ्लीट' (Youth Fleet) वाला राज्य बन गया है और इस मामले में महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया है.
हवाई अड्डे की तर्ज पर बन रहे 23 बस अड्डे, लखनऊ में 1000 करोड़ का प्रोजेक्ट
परिवहन व्यवस्था को आधुनिक रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश के 23 बस अड्डों को हवाई अड्डे (Airports) की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है.
- कानपुर के झकरकट्टी बस अड्डे को ₹200 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत हवाई अड्डे जैसा बनाया जा रहा है.
- लखनऊ में तीन ऐसे अत्याधुनिक बस अड्डे बन रहे हैं, जिनमें से अकेले गोमती नगर का बस अड्डा ₹1,000 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा है. इसके अलावा एक चारबाग रेलवे स्टेशन पर और एक वाराणसी (काशी) में बन रहा है.
- अन्य 49 बस अड्डों के लिए भी टेंडर हो चुके हैं, जिसकी आखिरी तारीख 8 जून है.
इसके साथ ही प्रदूषण और डीजल संकट से निपटने के लिए कंपनी 'अशोक लीलैंड' (Ashok Leyland) ने लखनऊ में स्कूटर इंडिया की जमीन पर अपनी फैक्ट्री स्थापित की है, जो मात्र 18 महीने में तैयार हुई है. यह फैक्ट्री प्रतिवर्ष 5,000 बसें बनाएगी, जिसमें से 2,500 बसें सीधे परिवहन विभाग खरीदेगा.
'मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ो योजना' के तहत 3 महीने में हर गांव तक पहुंचेगी बस
ग्रामीण कनेक्टिविटी को लेकर परिवहन मंत्री ने एक बड़ा दावा किया. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 12,200 गांव ऐसे बचे हैं जहां आज तक परिवहन विभाग की बसें नहीं पहुंची हैं. इन गांवों को जोड़ने के लिए दो महीने पहले 'मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ो योजना' शुरू की गई है, जिसके तहत 10,000 बसें लाने की योजना है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सड़कों पर बड़ी 52-सीटर (12 मीटर) बसों को मोड़ने में दिक्कत आती है, इसलिए विभाग ने 7 मीटर की छोटी बसें (28-सीटर) चलाने का निर्णय लिया है. इसके लिए 1,100 बसों का टेंडर हो चुका है और आगामी 3 महीने के भीतर उत्तर प्रदेश का एक भी गांव ऐसा नहीं बचेगा जहां परिवहन विभाग की बस सेवा उपलब्ध न हो.
सड़क दुर्घटनाएं और 25000 का चालान
सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर हाई स्पीड के कारण हादसे बढ़े हैं, जो कि तकनीकी नहीं बल्कि मानवीय गलतियों का परिणाम है. लोग कैमरों के पास गति धीमी कर लेते हैं और आगे निकलते ही फिर बढ़ा देते हैं. इसके अलावा, कम उम्र के बच्चों को वाहन देने से रोकने के लिए विभाग ने ₹25,000 का चालान काटना शुरू किया है. यह कदम सख्त लग सकता है, लेकिन यह बच्चों और आम जनता की सुरक्षा के लिए उठाया गया है.
रोजगार और संविदा कर्मियों का नियमितीकरण
रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए दयाशंकर सिंह ने बताया कि वर्ष 2001 तक के नियुक्त सभी संविदा कर्मियों को रेगुलर (नियमित) किया जा चुका है और मात्र 100 कुछ लोग बचे हैं, जिनकी प्रक्रिया चल रही है. कैबिनेट के माध्यम से 1,165 मृतक आश्रितों को एक साथ नियुक्ति दी गई है. इसके साथ ही 10,000 नए संविदा परिचालकों की भर्ती की गई है और महिला सशक्तिकरण के तहत नियमों में शिथिलता देते हुए रोजगार मेले के माध्यम से 4,000 महिलाओं को सीधे विभाग में भर्ती किया गया है.
जनता के सवाल: मुफ्त बस सेवा और झकरकट्टी का जाम
कार्यक्रम के दौरान जब एक छात्रा ने दिल्ली की तर्ज पर कानपुर में भी महिलाओं/लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू करने की मांग की, तो मंत्री ने कहा कि भाजपा के 2022 के चुनावी संकल्प पत्र में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा का वादा शामिल था और वह इस मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक जरूर पहुंचाएंगे.
कानपुर के झकरकट्टी चौराहे पर बसों के कारण लगने वाले जाम पर उन्होंने बताया कि विभाग ने IIT खड़गपुर से MOU किया है. सभी बड़े महानगरों में रोडवेज डिपोज को शहर से बाहर बाईपास या रिंग रोड पर शिफ्ट किया जा रहा है और शहर के अंदर केवल इलेक्ट्रिक बसें ही चलाई जाएंगी.
विपक्ष पर साधा निशाना: 2027 में आएगी बीजेपी की सुनामी
बलिया की राजनीति और सपा-बीजेपी विवाद पर बोलते हुए दयाशंकर सिंह ने साफ किया कि योगी सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त है. उमाशंकर सिंह के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत काम हुआ है तो वे सबूत सार्वजनिक करें. उमाशंकर सिंह के स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की कामना की.
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव पर बड़ा दावा करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को राजनीति और मुख्यमंत्री पद विरासत में मिला था, लेकिन उनके समय में सपा का जनाधार लगातार खिसका है और उनके पुराने साथी भी साथ छोड़ चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में विकास के रथ के आगे विपक्ष का कोई दल नहीं टिकेगा और सूबे में बीजेपी की प्रचंड सुनामी बहेगी. चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा.
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