CM Yogi Adityanath News: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के दौरान एक हल्का-फुल्का और रोचक माहौल देखने को मिला. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए ऐसा उदाहरण दिया कि पूरा सभागार हंसी से गूंज उठा. मुख्यमंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई टोटी चोरी कर ले जा रहा है.
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‘टोटी चोरी’ वाले बयान पर बदला माहौल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि सरकार जब भी योजनाओं को आगे बढ़ाती है, तो कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि योजना के तहत कई जगह यह भी देखने को मिला कि 'कोई टोटी ही निकालकर ले जा रहा है.' जैसे ही उन्होंने यह बात कही, पूरा हॉल हंसी से भर गया और मुख्यमंत्री खुद भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. उनके इस सहज और व्यंग्यात्मक अंदाज ने पूरे कार्यक्रम का माहौल बेहद हल्का और जीवंत बना दिया. वहां मौजूद लोग भी इस बात पर मुस्कुराते और ठहाके लगाते नजर आए.
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल को अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे बड़ा करना और सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार आगामी वन महोत्सव में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने जा रही है. उन्होंने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं. उनके अनुसार, पर्यावरण की सुरक्षा के बिना भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती.
सरकारी आवास पर लगाया आम का पौधा
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आम की ‘अरुणिका’ प्रजाति का पौधा भी लगाया. इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि वृक्षारोपण को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और जैव विविधता के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में वृक्षारोपण की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी.
9 साल में 242 करोड़ पौधे लगे
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में वन महोत्सव और अन्य अभियानों के माध्यम से 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं. उन्होंने इसे केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों लोगों ने इस अभियान में हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता में रखा है और विकास के साथ-साथ प्रकृति संतुलन बनाए रखने पर लगातार काम किया जा रहा है.
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