डिप्टी CM पाठक ने ओपी राजभर को सौंपी ये बड़ी जिम्मेदारी, SBSP मुखिया ने खुद दी इसकी जानकारी

अभिषेक मिश्रा

• 07:18 AM • 20 Dec 2022

UP Political News: ऐसा कहा जाता है कि यूपी में सियासी समीकरण मौसम से भी तेज बदलते हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक मुलायम सिंह यादव…

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UP Political News: ऐसा कहा जाता है कि यूपी में सियासी समीकरण मौसम से भी तेज बदलते हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनके चाचा एक साथ आए. तो वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में सपा गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर अब धीरे-धीरे भाजपा के करीब आते जा रहे हैं. बता दें कि सोमवार को राजभर यूपी सरकार में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे और उनसे मुलाकात की. वहीं, अब डिप्टी सीएम पाठक से मुलाकात को लेकर राजभर ने यूपी तक से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी है. इसके साथ ही राजभर ने अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह पर जमकर निशाना साधा है.

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डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मुलाकात पर ओपी राजभर ने कहा,

“उनके (ब्रजेश पाठक) प्रस्ताव पर मैं अटल बिहारी फाउंडेशन का सह अध्यक्ष बना हूं. अटल जी ने हमेशा पिछड़ों और गरीबों की शिक्षा की बात की थी. उसी बात को मैंने भी मंच पर रखा है. मेरी सबसे नजदीकी है. किसी से दूरी नहीं है.”

ओम प्रकाश राजभर

शिवपाल यादव के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप पर राजभर ने कहा, “जब माफियाओं ने मलाई काटी है, तो हिसाब तो देना होगा. मैंने सरकार के खिलाफ इतना कहा तो मुझ पर तो कोई कार्रवाई नहीं हुई. ऐसा कहना गलत है.”

अखिलेश यादव पिछड़ों के लिए कुछ नहीं कर पाए: राजभर

मैनपुरी में सपा की जीत पर राजभर ने कहा, “मैनपुरी में जीत नेताजी की सिंपैथी पर हुई है. अखिलेश यादव पिछड़ों के लिए कुछ नहीं कर पाए हैं और यह परिवार कभी जनता का नहीं हो सकता.”

बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर सुभापसा मुखिया ने कहा, “राजनेता दो मुंहे सांप की तरह होता है. कब क्या हो जाए नहीं कहा जा सकता. सारे विकल्प खुले हैं. जब जनता पार्टी-सपा, पीडीपी-बीजेपी, बसपा-सपा और नीतीश-लालू एक हो सकते हैं तो हमसे सवाल क्यों?”

माफियाओं के पक्ष में कार्रवाई के सवाल पर राजभर ने कहा कि ‘सरकार की कार्रवाई ठीक है और अगर जांच में कोई चीज सामने आई है तो उस पर कार्रवाई होगी. राजनीति के लिए सवाल करना ठीक नहीं है.’

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