समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को साफ कर दिया कि पार्टी की रणनीति सिर्फ राज्यसभा की तीन सीटों तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि सपा का फोकस अब 3 नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है. उनका बयान ऐसे समय आया है, जब राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर लगातार चर्चा चल रही है.
ADVERTISEMENT
अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, 403 पर है." इससे पहले वह कह चुके थे कि जरूरी संख्या जुटने पर सपा राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारेगी.
आज नामांकन की आखिरी तारीख
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की मंगलवार को आखिरी तारीख है. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी. उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं. मतदान 16 अक्टूबर को कराया जाएगा.
सपा पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवाणी ने लखनऊ में नामांकन दाखिल किया है.
BJP ने उतारे 8 उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. इनमें दलित और ब्राह्मण चेहरे भी शामिल हैं. पार्टी के उम्मीदवारों में राज्य मंत्री धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार, प्रकाश पाल, विद्या सागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं.
राज्यसभा चुनाव में नंबरों का खेल
राज्यसभा चुनाव सीधे तौर पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार की व्यवस्था पर नहीं होता. इसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम का इस्तेमाल होता है. जीतने वाले उम्मीदवार के अतिरिक्त वोट उसकी दूसरी पसंद के उम्मीदवार को ट्रांसफर हो सकते हैं.
पार्टी नेताओं के मुताबिक अगर मैदान में 10 से ज्यादा उम्मीदवार रहते हैं तो चुनाव में गणित के साथ-साथ रणनीति भी अहम हो जाएगी. वोटों के बंटवारे और दूसरी पसंद के वोटों का असर नतीजों पर पड़ सकता है.
भाजपा गठबंधन के पास 288 विधायक
फतेहाबाद से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास फिलहाल 288 विधायक हैं. इनमें भाजपा के 255 विधायक हैं. अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं.
दूसरी तरफ सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं. इनमें सपा के 101 विधायक शामिल हैं. जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2 विधायक हैं, जबकि 3 विधायक किसी दल से जुड़े नहीं हैं.
अखिलेश यादव का 403 सीटों पर फोकस वाला बयान इसी बड़े चुनावी एंगल की ओर इशारा करता है. राज्यसभा चुनाव में सपा की रणनीति क्या होगी, यह नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्यादा साफ होगा.
ये भी पढ़ें - गोंडा सदर विधानसभा सीट पर बृजभूषण के बेटे प्रतीक के खिलाफ किसे टिकट देंगे अखिलेश यादव?
ADVERTISEMENT











