अयोध्या सीट पर चुनाव में क्या होने जा रहा? सपा के पवन पांडे ने जमकर सुना डाला

दीक्षा सिंह

• 11:48 AM • 08 Nov 2026

अयोध्या में बीजेपी की हार को लेकर सपा नेता पवन पांडे ने क्या बड़े खुलासे किए? जमीन अधिग्रहण, किसानों के मुआवजे और रामपथ निर्माण को लेकर उन्होंने लगाए गंभीर आरोप. 'पंचायत आजतक' में दिए उनके बयान से यूपी की सियासत में नई बहस छिड़ सकती है.

Akhilesh yadav with Pawan Pandey

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उत्तर प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की हार को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता तेज नारायण पांडे उर्फ 'पवन पांडे' ने बड़ा हमला बोला है. 'पंचायत आजतक' के दौरान पवन पांडे ने दावा किया कि अयोध्या की जनता ने बीजेपी के अहंकार, गुंडई और गरीब किसानों-व्यापारियों के शोषण के खिलाफ वोट देकर उन्हें नकारा है. उन्होंने आरोप लगाया कि रामनगरी में विकास के नाम पर स्थानीय लोगों की जमीनों को औने-पौने दामों में हड़पा गया और केवल मुंबई व गुजरात के प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाया गया.

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"बीजेपी के अहंकार और छलावे को अयोध्या ने नकारा"

400 पार का नारा और जमीनी हकीकत: पवन पांडे ने कहा कि बीजेपी जिस अयोध्या के नाम पर पूरे देश में राजनीति की रोटियां सेकती थी, वहां की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके अहंकार को करारा जवाब दिया है.

अवधेश प्रसाद की जीत का गणित: उन्होंने कहा कि जहां देश के प्रधानमंत्री कई बार माथा टेकने आए, वहां की जनता ने बीजेपी को हराकर समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद को सांसद चुनकर अपने साथ हुए अन्याय का बदला लिया.

जमीनों के अधिग्रहण और प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ का गंभीर आरोप

नोटिस और खरीद-फरोख्त का खेल: सपा नेता ने अयोध्या में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले आवास विकास और विकास प्राधिकरण द्वारा गरीब किसानों को 4 लाख रुपये बिस्सा की दर से जमीन एक्वायर करने का नोटिस देकर डराया जाता है.

करोड़ों का खेल: इसके बाद सत्ता संरक्षित बड़े प्रॉपर्टी डीलर 5 लाख रुपये में किसानों से जमीन खरीद लेते हैं. जैसे ही प्रॉपर्टी डीलर जमीन हासिल कर लेते हैं, सरकारी नोटिस खत्म कर दिया जाता है और वही जमीन आगे 1 करोड़ 80 लाख रुपये बिस्सा के भाव बेची जाती है.

एयरपोर्ट, रामपथ और व्यापारियों के नुकसान का दर्द

मुआवजे में बड़ा अंतर: एयरपोर्ट निर्माण के लिए गंजा, कुटिया और धर्मपुर गांव के किसानों की जमीनों का उचित मुआवजा नहीं दिया गया, जिससे किसान भुखमरी और कगार पर पहुंच गए.

रामपथ चौड़ीकरण की मार: उन्होंने रामपथ के निर्माण के दौरान दुकानों और मकानों के ध्वस्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जिन करोड़ों के मकानों और दुकानों को तोड़ा गया, उन्हें नाममात्र का मुआवजा मिला। अधिकारियों की कमीशनखोरी और तबाही के गम में कई व्यापारी अपनी जान गंवा बैठे.

उपचुनावों और एमएलसी चुनावों पर प्रशासन की भूमिका पर सवाल

पवन पांडे ने मिल्कीपुर और हालिया एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए जिला प्रशासन पर निष्पक्ष चुनाव न कराने का आरोप लगाया. उन्होंने वाराणसी और गोरखपुर के चुनावी अंतर का हवाला देते हुए तंज कसा कि गोरखपुर में सपा को हराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी, जबकि अन्य जगहों पर स्थिति अलग रही.यह दर्शाता है कि सत्ता के दोनों इंजनों में आपस में तालमेल की कमी है.
 

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