कुशीनगर की सदर सीट पर तगड़ा गेम, बीजेपी-सपा में कांटे की टक्कर!
कुशीनगर सदर विधानसभा सीट (333) पर 2027 के चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज। बीजेपी विधायक पीएन पाठक ने गिनाया रिपोर्ट कार्ड, सपा नेता राजेश प्रताप राव ने 2022 की हार का हिसाब चुकता करने की जताई तैयारी.
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भगवान बुद्ध की पावन ज्ञान स्थली और पूर्वांचल की वीआईपी सीटों में शुमार कुशीनगर सदर विधानसभा सीट पर 2027 के चुनावी समर की हलचल अभी से तेज हो गई है. कभी समाजवादियों का गढ़ रही इस सीट पर 2017 से भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व कायम है. 2022 के चुनाव में बीजेपी के पीएन पाठक ने सपा के कद्दावर नेता राजेश प्रताप राव उर्फ 'बंटी भैया' को 34,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से हराया था. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक तरफ मौजूदा बीजेपी विधायक पीएन पाठक सड़कों, कृषि विश्वविद्यालय और 750 करोड़ की विकास परियोजनाओं के बल पर दोबारा जीत का दावा कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर लगातार जनता के बीच डटे सपा प्रत्याशी रहे राजेश प्रताप राव 2022 की हार का हिसाब चुकता करने के लिए मैदान में पूरी ताकत से ताल ठोक रहे हैं.
2027 के रण में विकास वर्सेस जनता से जुड़ाव का मुकाबला
विधायक पीएन पाठक का दावा है कि 2022 में जीतने के महज तीन महीने के भीतर उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) से 69 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना स्वीकृत कराई, जिसने क्षेत्र में ट्रैफिक की समस्या को काफी हद तक हल कर दिया है. उन्होंने 750 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृषि विश्वविद्यालय, लाइट एंड साउंड शो और कुशीनगर के समग्र पर्यटन विकास को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया.
कानून व्यवस्था और पारदर्शी व्यवस्था का हवाला देते हुए पीएन पाठक ने पूर्ण विश्वास जताया कि 2027 में प्रदेश में फिर से बीजेपी की सरकार बनेगी और कुशीनगर (विधानसभा संख्या 333) से पार्टी प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज करेगा.
सपा नेता राजेश प्रताप राव 'बंटी भैया' का चुनावी गणित
2022 में सपा के टिकट पर दूसरे स्थान पर रहे राजेश प्रताप राव का कहना है कि वे 2022 में गोरखपुर मंडल में सबसे अधिक वोट पाने वाले सपा प्रत्याशियों की सूची में शामिल थे. 2022 की हार का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि बसपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के 'डमी' साबित होने की वजह से वोटों का ध्रुवीकरण सीधे बीजेपी के पक्ष में हो गया.
उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद से वे एक दिन भी घर नहीं बैठे हैं और बिना किसी जाति, धर्म या पार्टी के भेदभाव के कुशीनगर की जनता के सुख-दुख में एक बेटे और भाई की तरह लगातार संघर्ष कर रहे हैं.
कुशीनगर सदर का दिलचस्प चुनावी इतिहास
साल 2002 के विधानसभा चुनाव में सपा के कद्दावर नेता ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने बीजेपी के सूर्य प्रताप शाही (वर्तमान में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री) को हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया था. इसके बाद साल 2007 और 2012 के चुनावों में भी ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा.
2017 और 2022 में बीजेपी का परचम
साल 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने रजनीकांत मणि त्रिपाठी को मैदान में उतारा, जिन्होंने 97,132 वोट हासिल कर बसपा के राजेश प्रताप राव को शिकस्त दी और कमल खिलाया.
2022 के चुनाव में बीजेपी ने रणनीति बदलते हुए अपने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर संगठन के नेता पीएन पाठक को प्रत्याशी बनाया. पीएन पाठक ने 34,000 से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से सपा उम्मीदवार राजेश प्रताप राव को हराकर सीट पर बीजेपी का कब्जा बरकरार रखा.
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