बाद में रोना नहीं कि हम पंडित हैं... BJP विधायक अनिल सिंह खुले मंच से किसे धमकाने लगे?
यूपी के उन्नाव में बीजेपी विधायक अनिल सिंह का एक और विवादित बयान चर्चा में है. कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए चुनाव में हराने की बात कही. आखिर जाति और दबदबे को लेकर उन्होंने मंच से क्या कहा?
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उत्तर प्रदेश की सियासत में अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले उन्नाव की पुरवा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अनिल सिंह का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मंच से जनता और विरोधियों को संबोधित करते हुए विधायक अनिल सिंह ने खुली चेतावनी दी है कि वे विरोध खुलकर करें, लेकिन अगर चुनाव में उन्हें हरा नहीं पाए तो बाद में जातिगत रोना न रोएं. विधायक के इस तीखे अंदाज, दबदबा वाले बयान और खुली चेतावनी के बाद राजनीतिक गलियारों में और सोशल मीडिया पर एक बार फिर बवाल मच गया है.
'दम है तो हरा लो, वरना बाद में मत रोना'
पुरवा विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान विधायक अनिल सिंह ने अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह विरोध से नहीं डरते और खुलकर विरोध किया जा सकता है.
हालांकि उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि विरोधियों को जितना जोर लगाना है लगा लें. लेकिन अगर चुनाव में वे उन्हें हरा नहीं पाए और वह फिर से जीत गए तो फिर यह रोना मत रोना कि हम 'भैया ठाकुर, पंडित या लोधी' हैं और हमें परेशान किया जा रहा है.
मंच से 'दबदबा' और राजनीतिक सफर के तेवर
अपने भाषण के दौरान विधायक ने दोटूक शब्दों में कहा कि पुरवा में सिर्फ और सिर्फ अनिल सिंह का दबदबा है और आगे भी रहेगा. उन्होंने समर्थकों के बीच यह भी दावा किया कि उनके राजनीतिक प्रभाव को कम करने की साजिशें रची जा रही हैं. लेकिन जनता के बीच उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि विरोधी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते.
पुराना विवादित इतिहास और अधिकारियों को चेतावनी
अनिल सिंह अपने बयानों के कारण पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं. उनका साल 2022 का एक पुराना वीडियो भी काफी वायरल हुआ था जिसमें वह अधिकारियों को उनके आने पर खड़े होने की हिदायत देते और कड़े तेवर दिखाते नजर आए थे.
गौरतलब है कि अनिल सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी (BSP) से की थी. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के टिकट पर मोदी लहर के बावजूद पुरवा सीट पर शानदार जीत दर्ज की थी. इसके बाद 2022 के चुनावों से ठीक पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए और एक बार फिर भगवा दल के टिकट पर विधायक बने.
