उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जौनपुर की हाई-प्रोफाइल 'जौनपुर सदर' सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है. दो बार के लगातार विधायक और योगी सरकार में मंत्री गिरीश चंद्र यादव के दम पर भारतीय जनता पार्टी जहां अपनी हैट्रिक की तैयारी में है. वहीं विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के भीतर टिकट के दावेदारों की लंबी कतार लग गई है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों के ही खाते में इस सीट के जाने की चर्चाओं के बीच मुस्लिम, मौर्य और ब्राह्मण समाज से आने वाले कई दिग्गज नेता अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं.
ADVERTISEMENT
भाजपा से मंत्री गिरीश चंद्र यादव सबसे मजबूत दावेदार
जौनपुर सदर सीट पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मंत्री गिरीश चंद्र यादव का दावा सबसे प्रबल माना जा रहा है. गिरीश चंद्र यादव लगातार दो बार से इस सीट से चुनाव जीत रहे हैं और योगी सरकार में मंत्री के रूप में उनका अच्छा-खासा प्रभाव है.
जातीय समीकरण: माना जाता है कि विपक्ष की ओर से मुस्लिम उम्मीदवार उतरने पर वे चुनाव को हिंदू बनाम मुस्लिम ध्रुवीकरण में बदलने में सफल रहते हैं जिससे उन्हें गैर-भाजपा यादव वोटों का भी समर्थन मिल जाता है.
हालांकि एनडीए खेमे से उनके ही पूर्व पीआरओ रहे इंजीनियर कृष्ण कुमार जायसवाल समेत कुछ स्थानीय नेता दबी जुबान में टिकट की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा में गिरीश चंद्र यादव को ही सबसे स्वाभाविक और पहला उम्मीदवार माना जा रहा है.
इंडिया गठबंधन में पेच: कांग्रेस या सपा, किसके खाते में जाएगी सीट?
जौनपुर सदर सीट को पारंपरिक रूप से ऐसा माना जाता है जहां विपक्षी दल अक्सर मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व देते रहे हैं. 2027 में यह सीट किसके हिस्से आएगी, इसे लेकर गणित जारी है.
कांग्रेस का दावा: 2017 के गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के पास थी और 2012 से 2017 तक विधायक रहे नदीम जावेद यहां से लड़े थे. यदि यह सीट कांग्रेस के कोटे में जाती है तो नदीम जावेद का टिकट सबसे पक्का माना जा रहा है. इनके अलावा कांग्रेस से विकेश उपाध्याय भी जमीनी स्तर पर दावेदारी ठोक रहे हैं.
सपा का दावा: 2022 के चुनाव में अकेले लड़ते हुए सपा के अरशद खान महज करीब 8000 वोटों के अंतर से रनर-अप रहे थे. ऐसे में सपा के खाते में सीट रहने पर अरशद खान प्रमुख चेहरा हैं.
सपा में दावेदारों की कतार
समाजवादी पार्टी के भीतर कई प्रमुख नाम टिकट की रेस में हैं.
मुस्लिम चेहरे: 2022 के प्रत्याशी अरशद खान के अलावा पार्टी के चर्चित राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जमई और शकील अहमद भी अपनी मजबूत दावेदारी कर रहे हैं.
मौर्य/कुशवाहा समीकरण: 2024 के लोकसभा चुनाव में जौनपुर से बाबू सिंह कुशवाहा के सांसद बनने के बाद जिले में मौर्य/कुशवाहा वोटों का गोलबंदी बढ़ी है. इसी समीकरण को भुनाने के लिए सपा से जगदीश मौर्य 'गप्पू' और उदयभान मौर्य भी टिकट की लाइन में हैं ताकि भाजपा को गैर-मुस्लिम उम्मीदवार के जरिए घेरा जा सके.
बीएसपी की रणनीति: 'वेट एंड वॉच' और बागी चेहरों पर नजर
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) फिलहाल जौनपुर सदर के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. विश्लेषकों का मानना है कि अगर एनडीए या इंडिया गठबंधन से किसी बड़े दावेदार का टिकट कटता है तो बीएसपी उन असंतुष्ट नेताओं के लिए दरवाजे खोल सकती है या फिर किसी अप्रत्याशित चेहरे पर दांव लगा सकती है.
ADVERTISEMENT











