UP में पंचायत चुनाव खिंचे तो सरकार ने पलटा सालों पुराना नियम, कार्यकाल खत्म होने के बाद भी प्रधान ही चलाएंगे गांव

UP Panchayat News: यूपी में पंचायत चुनाव में देरी के बीच बड़ा फैसला. कार्यकाल खत्म होने के बाद भी ग्राम प्रधान ही संभालेंगे प्रशासक की कमान, सीएम योगी ने दी मंजूरी.

UP Panchayat Chunav Update

UP Panchayat Chunav Update: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में हो रही देरी को देखते हुए योगी सरकार ने एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है. अब राज्य में पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी ग्राम प्रधान ही गांवों के 'प्रशासक' बने रहेंगे. पंचायती राज विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस अहम फाइल को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है.

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यूपी के इतिहास में पहली बार बदली व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उन्हें ही प्रशासक के तौर पर बरकरार रखा जाएगा. सरकार के इस कदम से गांवों के विकास कार्य बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के लगातार चलते रहेंगे.

अब तक क्या थी व्यवस्था?

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में अब तक यह कानूनी व्यवस्था लागू थी कि जैसे ही ग्राम पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल खत्म होता था. सरकार द्वारा स्थानीय स्तर के अधिकारियों या कर्मचारियों (जैसे एडीओ पंचायत या सचिव) को गांवों का प्रशासक नियुक्त कर दिया जाता था. कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों के सारे वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार छिन जाते थे. लेकिन अब सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है, जो प्रदेश के वर्तमान ग्राम प्रधानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है.