Pratik Yadav's Thirteenth-Day Memorial Ceremony: समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का त्रयोदशी संस्कार (तेरहवीं) आज यानी 25 मई को संपन्न हो रहा है. भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बीते 13 मई को महज 38 वर्ष की आयु में अचानक देहांत हो गया था. इस दुखद घड़ी के बीच प्रतीक यादव की तेरहवीं का जो निमंत्रण पत्र सामने आया है, उसने हर किसी का ध्यान खींचा है. इस कार्ड में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, डिंपल यादव और शिवपाल सिंह यादव समेत पूरे कुनबे के नाम शामिल हैं. राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर इस कार्ड को मुलायम परिवार की आपसी एकजुटता के एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
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शुरुआती चर्चाओं पर लगा विराम
प्रतीक यादव के निधन के तुरंत बाद अंतिम संस्कार के समय अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया (X) पर एक कार्ड साझा किया था, जिसमें सिर्फ उनका और उनकी बेटियों का ही नाम दर्ज था. उस समय इस बात को लेकर कई तरह की राजनीतिक और पारिवारिक अटकलें लगाई जाने लगी थीं. हालांकि, आज होने वाली तेरहवीं के निमंत्रण पत्र ने उन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है. इस नए कार्ड में अपर्णा यादव के साथ-साथ बड़े भाई अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित मुलायम परिवार के सभी दिग्गज सदस्यों के नाम 'विनीत' और 'दर्शनाभिलाषी' के रूप में छपवाए गए हैं, जो पूरे कुनबे के एक साथ खड़े होने को दर्शाता है.
क्यों सुर्खियों में है सैफई की अनोखी परंपरा?
प्रतीक यादव की तेरहवीं के बीच मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई की एक बेहद खास सामाजिक और आर्थिक परंपरा की भी देश भर में खूब तारीफ हो रही है. दरअसल, सैफई गांव में बहुत पहले ही ग्रामीणों ने आपसी सहमति से यह ऐतिहासिक फैसला लिया था कि किसी भी व्यक्ति के निधन पर 'तेरहवीं का सामूहिक भोज' (मृत्युभोज) आयोजित नहीं किया जाएगा. इस नियम के पीछे की मुख्य वजह यह थी कि तेरहवीं के बड़े भोज के कारण गरीब परिवारों पर बहुत भारी आर्थिक बोझ पड़ता था. इस कुप्रथा को बंद करने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह सराहनीय कदम उठाया था.
लखनऊ में होगी श्रद्धांजलि सभा
सैफई की इस महान परंपरा का सम्मान खुद मुलायम परिवार भी हमेशा से करता आया है. जब देश के दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव का निधन हुआ था, तब उनके बड़े बेटे अखिलेश यादव ने भी इसी रीत को आगे बढ़ाया था. उन्होंने नेताजी की तेरहवीं पर कोई सामूहिक भोज नहीं रखा था, बल्कि केवल 11वें दिन शुद्धि, हवन और श्रद्धांजलि सभा का ही आयोजन किया था. वहीं, प्रतीक यादव के निधन पर इस बार राजधानी लखनऊ में त्रयोदशी संस्कार और श्रद्धांजलि सभा रखी गई है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूरे लखनऊ शहर में होर्डिंग्स लगाए गए हैं और शोकाकुल परिवार ने सभी शुभचिंतकों से उनके आवास पर पहुंचने की भावुक अपील की है.
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