OP Rajbhar on Akhilesh: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने एक बार फिर विपक्षी दलों पर हमला बोला है. वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए राजभर ने सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने और आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. राजभर ने दावा किया कि आजम खान को जेल भिजवाने और फंसाने के पीछे पूरी तरह से समाजवादी पार्टी का हाथ है. वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन को उन्होंने दगे हुए कारतूसों का मेल बता दिया.
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सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर दी सफाई
जंतर-मंतर धरना स्थल से सोनम वांगचुक को हटाए जाने के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया. उन्होंने कहा 'कोई चाहे कुछ भी कहे लेकिन जब अनशन पर बैठने वाले किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है तो पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाती है. पुलिस ने वही काम किया है. अब इस पर कोई भी आरोप-प्रत्यारोप लगा सकता है.लेकिन सच्चाई यही है कि तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया.'
आजम खान को 100% सपा ने फंसाया-ओपी राजभर
जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रहे बुलडोजर और आजम खान के मुद्दे पर राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि 'इसकी पूरी जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी की है. सपा सरकार के दौरान सरकारी पैसे से जौहर यूनिवर्सिटी बनाई गई. जब जमीन सरकारी थी तो अखिलेश जी ने उसे विद्यालय के नाम क्यों नहीं करवाया? अगर ऐसा हो जाता तो आज कोई उंगली नहीं उठाता.'
राजभर ने आगे कहा कि आजम खान को फंसाने के लिए बाकायदा साजिश रची गई जिसका खामियाजा वो आज भुगत रहे हैं. अखिलेश यादव की मंशा ही उन्हें आगे जाकर तंग करने की थी. तभी तो जब आजम खान सीतापुर जेल में बंद थे तब अखिलेश उनसे मिलने तक नहीं गए.
हनुमानगढ़ी विवाद और शंकराचार्य को सलाह
हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के दावों और इस पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा सबूत मांगे जाने के सवाल पर राजभर ने बेहद तीखा रुख अपनाया. उन्होंने कहा 'सच्चाई यह है कि सपा सरकार में आजम खान का बोलबाला था. मंच पर जब मुलायम सिंह यादव जिंदा थे,तब आजम खान के कुत्ते को भी सहलाया जाता था. वो इतने सक्षम थे कि अपनी कौम से कुछ भी करा सकते थे.'
शंकराचार्य को सलाह देते हुए राजभर बोले 'हमारी उन्हें सलाह है कि वह कुर्ता-पजामा सिलवा लें. गाड़ी पर सपा का झंडा लगा लें और खुलकर बैटिंग करें. शंकराचार्य का काम अपने धर्म का प्रचार करना होता है, राजनीति में दखल देना नहीं. देश में और भी शंकराचार्य हैं लेकिन कोई किसी पार्टी का प्रचार नहीं करता.बनारस में ही सपाईयों ने इन्हें पीटा था.'
नोटों के निजीकरण और कॉकरोच जनता पार्टी पर तंज
वहीं अखिलेश यादव द्वारा नोटों के प्राइवेटाइजेशन की आशंका जताए जाने पर राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा 'अखिलेश यादव के पास ज्यादा माल (पैसा) होगा इसलिए उन्हें चिंता सता रही है.हमारे पास तो ऐसा कुछ है नहीं.'
अभिजीत दीपके के आरोपों पर क्या कहा
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा लगाए गए आरोपों और रोने की घटना पर राजभर ने कहा कि जब वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने के लिए धरने पर बैठे थे तो उन्हें क्या तकलीफ है? वह उन्हीं के बहाने धरना दे रहे थे.
सपा-कांग्रेस गठबंधन को बताया दगे हुए कारतूस
आगामी राजनीतिक समीकरणों और समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के गठबंधन पर आखिरी प्रहार करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने एक लाइन में दोनों को खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि राजनीति में यह गठबंधन कोई मायने नहीं रखता क्योंकि ये दोनों ही दगे हुए कारतूस हैं जिनसे अब कोई बदलाव होने वाला नहीं है.
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