UP Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों से एक खास अपील की है. उन्होंने कांवड़ियों से यात्रा के दौरान पूरी तरह अनुशासित रहने और मर्यादा का पालन करने को कहा है.
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शामली में करीब 581 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे सीएम योगी ने साफ किया कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह से कांवड़ियों की सेवा और सुरक्षा के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और असामाजिक तत्वों को लेकर एक बड़ी चेतावनी भी दे दी है.
"राम की मर्यादा और शिव की सादगी याद रखें"
सीएम योगी ने शिवभक्तों को समझाते हुए कहा कि वे मर्यादा पुरुषोत्तम राम और कृष्ण की धरती से हैं, इसलिए उनका व्यवहार भी वैसा ही शालीन होना चाहिए. उन्होंने कहा,
"हम भगवान राम के वंशज हैं, भगवान कृष्ण की भूमि से हैं और भगवान शिव के भक्त हैं. हमें राम की मर्यादा, कृष्ण के मूल्यों और शिव की सादगी को बनाए रखना चाहिए. छोटी-मोटी बातों पर कोई उग्र व्यवहार नहीं होना चाहिए."
मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि कुछ असामाजिक तत्व कांवड़ यात्रा की छवि को धूमिल करने और माहौल बिगाड़ने की साजिश रच सकते हैं. ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है. अगर कोई भी शख्स हुड़दंग या गड़बड़ी करने की कोशिश करे तो उसे तुरंत पहचान कर अलग-थलग कर दें.
इस साल कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी के लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आएंगे.
'सैफई का सिंडिकेट' और 'जिन्ना के उपासक'
मंच से बोलते हुए सीएम योगी का तेवर आक्रामक नजर आया. उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले यूपी में क्या हालात थे. सीएम योगी ने कहा,
"जो लोग प्रदेश की डेमोग्राफी बदल रहे थे यानी सपा और कांग्रेस के लोग वे जिन्ना के उपासक हैं. यही कारण था कि कैराना और कांधला से हमारे लोगों को पलायन करना पड़ रहा था."
पूर्व की अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले नौकरियों में 'सैफई का सिंडिकेट' हावी था जो योग्य युवाओं के हक पर डाका डालता था. लेकिन आज बिना किसी भेदभाव के पारदर्शी तरीके से युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले 'जय श्री राम' का नारा लगाने पर लाठियां चलती थीं, गोलियां चलती थीं और कांवड़ यात्राओं को रोक दिया जाता था, लेकिन आज कांवड़ियों पर फूल बरसाए जा रहे हैं.
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