यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के इस अंक में सबसे पहली और बड़ी खबर कांग्रेस की उस नई रणनीति को लेकर है जिसके तहत वह समाजवादी पार्टी पर जल्द से जल्द 2027 के लिए सीटों के बंटवारे का दबाव बना रही है और बराबरी का हक मांग रही है. दूसरी बड़ी खबर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तूफानी दौरों और उनके आक्रामक अभियान की है जिसके तहत उन्होंने पिछले 30 दिनों में 27 जिलों का दौरा कर सियासी माहौल को गरमा दिया है. वहीं तीसरी बड़ी खबर रामपुर से है जहां आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 अवैध बिल्डिंगों को जमींदोज करने की तैयारी प्रशासन ने पूरी कर ली है. आइए इन तीनों बड़ी खबरों का पूरा विश्लेषण विस्तार से समझते हैं.
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कांग्रेस की नई रणनीति
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इस समय समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने के बावजूद अंदरूनी तल्खी चरम पर है. कांग्रेस पार्टी ने इस बार ऑफेंस इज द बेस्ट डिफेंस (आक्रामकता ही सबसे अच्छा बचाव है) की रणनीति अपनाई है. कांग्रेस का मुख्य मकसद समाजवादी पार्टी को आखिरी वक्त के दबाव से बचाकर अभी से सीटों के बंटवारे की मेज पर खींच लाना है.
बराबरी की बात और 150 सीटों की लिस्ट
कांग्रेस ने सपा को करीब 150 से ज्यादा ए-ग्रेड सीटों की सूची सौंप दी है. कांग्रेस के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने साफ कर दिया है कि वे राज्य की सभी 403 सीटों पर संगठन मजबूत कर रहे हैं ताकि गठबंधन को ताकत मिले. इस बार कांग्रेस किसी भी सूरत में आखिरी पलों में झुनझुना थामने को तैयार नहीं है और खुले तौर पर बराबरी की मांग कर रही है.
इमरान मसूद के तीखे तेवर और सपा की मौन रणनीति
सपा को सबसे ज्यादा दर्द सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद के बयानों से हो रहा है. इमरान मसूद ने अखिलेश यादव के 'सॉफ्ट हिंदुत्व' कार्ड और मुस्लिम मुद्दों पर उनकी चुप्पी को लेकर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि अखिलेश यादव ने इसके जवाब में अपनी रणनीति के तहत मौन साध रखा है और पार्टी नेताओं को कांग्रेस के बयानों पर पलटवार न करने की हिदायत दी है. सपा का मानना है कि सहारनपुर जैसी सीटों पर उसका अपना कोर वोट बैंक मजबूत है. लेकिन कांग्रेस इस बार किसी भी दबाव में झुकने के मूड में नहीं दिख रही है.
सीएम योगी का तूफानी एक्शन
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जहां विपक्ष आपसी सीट शेयरिंग के विवादों में उलझा नजर आ रहा है. वहीं सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जमीन पर अपना आक्रामक सियासी कैंपेन बेहद तेज कर दिया है.
हार्डकोर एजेंडे के साथ जमीन पर उतरे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले महज 30 दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश के 27 जनपदों का तूफानी दौरा कर चुके हैं. सीएम योगी अपने इस अभियान के जरिए न सिर्फ सरकार की विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं, बल्कि अपने हार्डकोर एजेंडे को सीधे जनता के बीच ले जा रहे हैं. मुख्यमंत्री का यह ताबड़तोड़ एक्शन विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि बीजेपी चुनाव से काफी पहले ही हर जिले में अपनी जमीन पूरी तरह से मजबूत कर रही है.
आजम खान को एक और बड़ा झटका
रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रशासन अब आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट 'जौहर यूनिवर्सिटी' पर एक और बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है.
नक्शा और प्लान अप्रूव न होने का दावा
स्थानीय प्रशासन का दावा है कि जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर बनी कुल 40 इमारतों में से 38 बिल्डिंग्स ऐसी हैं जिनका न तो कोई नक्शा पास कराया गया है और न ही उनका कोई डेवलपमेंट प्लान अप्रूव्ड है. नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण का हवाला देते हुए प्रशासन ने इन 38 इमारतों को गिराने (जमींदोज करने) की रूपरेखा तैयार कर ली है. इस कार्रवाई के बाद रामपुर से लेकर लखनऊ तक की सियासत में एक बार फिर भूचाल आना तय माना जा रहा है.
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