कौन हैं संजय सिंह जिन्हें बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह ने गिफ्ट की 12500000 रुपये की कार

सुषमा पांडेय

• 12:26 PM • 16 Jul 2026

Brij Bhushan Singh gift car to Sanjay Singh: बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह को करीब 1.25 करोड़ रुपये की लग्जरी टोयोटा वेलफायर कार गिफ्ट की. जानिए दोनों की दोस्ती, रिश्ते और इस महंगे तोहफे के पीछे की पूरी कहानी.

Brij Bhushan Sharan Singh and Sanjay Singh

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Brij Bhushan Singh gift car to Sanjay Singh: बीजेपी के बाहुबली पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और उनके मुंहबोले भाई संजय सिंह 'बबलू' के बीच की दोस्ती चर्चा में है. बृजभूषण सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के मौजूदा अध्यक्ष संजय सिंह को सवा से डेढ़ करोड़ रुपये की कीमत वाली Toyota Vellfire Hybrid' कार तोहफे में दे दी है. इस महंगे और चमचमाती कार के गिफ्ट की चर्चा जितनी सोशल मीडिया पर है उतनी ही खेल के अखाड़ों में भी होने लगी है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस अभूतपूर्व तोहफे के पीछे का सच क्या है और क्यों बृजभूषण अपने इस 'अनुज' पर इतने मेहरबान हैं?

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दिल्ली से हरियाणा की सैर फिर आधी रात को सौंप दी चाबी

इस आलीशान गाड़ी के गिफ्ट होने की इनसाइड स्टोरी भी काफी दिलचस्प है. सूत्रों के मुताबिक बीते 10 जुलाई को बृजभूषण शरण सिंह और संजय सिंह इसी टोयोटा वेलफायर गाड़ी में सवार होकर दिल्ली स्थित आवास से हरियाणा के कई कार्यक्रमों में शामिल होने निकले थे. 11 जुलाई को दिल्ली लौटने के बाद  12 जुलाई की शाम को बृजभूषण ने अचानक इस लग्जरी गाड़ी की चाबी अपने मुंहबोले भाई संजय सिंह के हाथों में सौंप दी. इसके बाद 13 जुलाई को संजय सिंह इस गाड़ी को लेकर अपने गृह क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. यहां बकायदा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गाड़ी का स्वागत किया गया.

बड़े भाई ने कुर्सी भी दी और अब गाड़ी भी-संजय सिंह

सोशल मीडिया पर गाड़ी की तस्वीरें शेयर करते हुए संजय सिंह ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह उनके लिए महज एक मित्र नहीं बल्कि बड़े भाई हैं. संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा 'बृजभूषण जी मेरे बड़े भाई जैसे हैं. उन्होंने तो मुझे सबसे बड़ा तोहफा तभी दे दिया था जब उन्होंने पूरी ताकत लगाकर मुझे भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष बनवाया. यह गाड़ी उसी प्रगाढ़ रिश्ते का एक और स्नेह प्रतीक है.'

कौन हैं संजय सिंह 'बबलू' 

संजय सिंह उर्फ बबलू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के चंदौली जिले के रहने वाले हैं. उनके पिता पारंपरिक दंगलों का आयोजन करवाते थे जिससे बचपन से ही संजय का झुकाव कुश्ती की तरफ हो गया. हालांकि उनका मुख्य व्यवसाय खेती और व्यापार रहा. लेकिन उनकी किस्मत तब बदली जब 2008 में वे वाराणसी कुश्ती संघ के जिला अध्यक्ष बने.

साल 2009 में जब उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ का पुनर्गठन हुआ तब संजय सिंह को सूबे का उपाध्यक्ष बनाया गया. यहीं पर उनकी मुलाकात तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से हुई. यह मुलाकात धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदल गई और संजय, बृजभूषण के सबसे भरोसेमंद बिजनेस पार्टनर और सिपहसालार बन गए.

जब महिला पहलवानों के भूचाल के बीच पावर बनकर उभरे संजय

साल 2023 में जब देश की दिग्गज महिला पहलवानों (साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया) ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर मोर्चा खोला, तो बृजभूषण को कुश्ती संघ से इस्तीफा देना पड़ा. उस समय हुए ऐतिहासिक चुनाव में बृजभूषण गुट ने संजय सिंह को अपना मुख्य चेहरा बनाया. 21 दिसंबर 2023 को हुए चुनाव में संजय सिंह ने कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट अनीता श्योराण को 40 के मुकाबले महज 7 वोटों से करारी शिकस्त दी.

हालांकि इस जीत के बाद खेल मंत्रालय ने इस बॉडी को सस्पेंड भी किया. लेकिन बाद में इंटरनेशनल रेसलिंग बॉडी ने संजय सिंह की चुनी हुई संस्था को ही आधिकारिक मान्यता दी जिससे यह साफ हो गया कि कुश्ती संघ में आज भी सिक्का बृजभूषण गुट का ही चलता है.

विनेश फोगाट पर तंज और हालिया विवादों से नाता

संजय सिंह केवल पर्दे के पीछे रहने वाले खिलाड़ी नहीं हैं. हाल ही में हरियाणा के रोहतक में जब विनेश फोगाट के एक ही दिन में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में लड़ने को लेकर विवाद हुआ था तब संजय सिंह ने विनेश पर तीखा तंज कसा था. उन्होंने कहा था कि अगर विनेश राजनीति का अखाड़ा बनाने के बजाय मैट पर खिलाड़ी की तरह आतीं तो चौथे नंबर पर न रहतीं. इसके अलावा विनेश के पति और कोच को धमकाने के आरोपों के चलते भी संजय सिंह लगातार चर्चा में रहे हैं.