Mata Prasad Pandey Statement On Ram Mandir: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार 15 जुलाई को आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया. इसी मंच पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर आम लोगों में नाराजगी है और सरकार को जवाब देना चाहिए. साथ ही उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव, समाजवादी पार्टी की विचारधारा, पीडीए राजनीति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर भी खुलकर अपनी बात रखी.
ADVERTISEMENT
चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार से पूछे सवाल
माता प्रसाद पांडेय ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को गंभीर बताते हुए योगी सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री कहते हैं कि सारे माफिया मार गिराए, सारे चोर जेल भेज दिए. फिर अयोध्या में ये लोग कहां से पैदा हो गए? क्या इसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी? उनके पास खुफिया तंत्र और सारी जानकारी थी, फिर पहले से कार्रवाई क्यों नहीं की गई?' उन्होंने आगे कहा कि इस मामले को लेकर केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि आम लोग भी सवाल पूछ रहे हैं. उनके मुताबिक, 'सामान्य जनता रोज पूछती है कि अयोध्या के राम मंदिर में चोरी कैसे हो गई? जनता में इसको लेकर नाराजगी है. लोग हमको जिम्मेदार नहीं बताते, बल्कि सरकार को जिम्मेदार मानते हैं.'
योगी सरकार और भाजपा पर लगाए कई आरोप
सपा नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा हर मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की कोशिश करती है. उन्होंने कहा, 'भाजपा लगातार झूठ बोलकर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.' उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध पहले की तुलना में कम नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि एनसीआरबी के आंकड़े भी इस दिशा में संकेत देते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफिया पर कार्रवाई के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को सभी अपराधियों के खिलाफ समान कार्रवाई करनी चाहिए. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह दावा किया कि कई बड़े अपराधी अब भी खुले घूम रहे हैं.
मुख्यमंत्री के बयानों का भी दिया जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी माता प्रसाद पांडेय ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि जो लोग पहले आस्था को नकारते थे, वे अब आस्था की बात कर रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा, 'हम लोग आस्था को नहीं नकारते थे. हम लोग आस्था वाले हैं. लेकिन जो लोग पहले सनातन धर्म को नहीं मानते थे, वही आज सनातन का झंडा लेकर घूम रहे हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी समाजवादी पार्टी पर इसी तरह के आरोप लगाते रहे हैं और वह कई बार इनका जवाब दे चुके हैं.
पीडीए, ब्राह्मण वोट और 2027 चुनाव पर बड़ा दावा
माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला लगातार मजबूत हो रहा है. उन्होंने कहा, 'ब्राह्मण सबके लिए काम करता है. वह किसी एक वर्ग का नहीं होता. इसलिए ब्राह्मण और पीडीए में कोई विरोध नहीं है. ब्राह्मण भी पीडीए के साथ रहेगा.' उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि आज उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो जाएं तो भाजपा के कई नेता समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहेंगे. उनके अनुसार, प्रदेश की राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और 2027 के चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा.
अखिलेश यादव की लोकप्रियता और संगठन पर भरोसा
सपा नेता ने दावा किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की लोकप्रियता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अधिक है. उन्होंने कहा 'हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ज्यादा लोकप्रिय हैं. एक मैदान में दोनों की सभा रखकर देख लीजिए, भीड़ कहां ज्यादा होती है.' उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी का संगठन पूरी तरह मजबूत है और विपक्षी दलों में टूट की चर्चा बेबुनियाद है. उनके मुताबिक, भाजपा दूसरे दलों को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन सपा का संगठन मजबूती से खड़ा है.
सरकार के विकास कार्यों का किया जिक्र
विकास कार्यों को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सड़कें तो बनी हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए सड़क की गुणवत्ता पर टिप्पणी की. साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में गरीबों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से 102 और 108 एंबुलेंस सेवा तथा 100 नंबर पुलिस सेवा जैसी योजनाएं शुरू की थीं, ताकि लोगों को समय पर स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी मदद मिल सके.
ओवैसी, इंडिया गठबंधन और भाजपा पर भी बोले
असदुद्दीन ओवैसी और विपक्षी राजनीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए गठबंधन मजबूत है और इसमें किसी तरह की टूट की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके लिए पीडीए में केवल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि हर पीड़ित वर्ग शामिल है. पश्चिम बंगाल चुनाव, इंडिया गठबंधन और भाजपा की रणनीति पर भी उन्होंने अपनी राय रखी. साथ ही कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरेगी और भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का प्रयास करेगी.
ADVERTISEMENT











