जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और पर्यावरण एक्टविस्ट सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक अपील की है. उन्होंने वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अनमोल है. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला.
ADVERTISEMENT
'आपका जीवन मानवता और लोकतंत्र के लिए अनमोल'
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, "श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें. उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति अद्भुत प्रतिबद्धता है." उन्होंने कहा कि देश को वांगचुक जैसे लोगों की जरूरत है और उनका संघर्ष आगे भी लोकतंत्र और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरणा देता रहे.
बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस सरकार को जगाने के लिए वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं, वह 'सिद्धांतहीन, भ्रष्ट और असंवेदनशील' है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को किसी के त्याग या जीवन की कोई परवाह नहीं है और वह केवल सत्ता और धन के अहंकार में डूबी हुई है.
उन्होंने लिखा कि "सत्याग्रह का महत्व वो क्या जानें, जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं." साथ ही दावा किया कि भाजपा सरकार युवाओं, उनके भविष्य और परिवारों के सपनों के प्रति भी संवेदनशील नहीं है.
'आप संघर्ष की प्रेरणा बने रहें'
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा कि सोनम वांगचुक का मनोबल और नैतिक शक्ति हर सच्चे भारतीय के लिए प्रेरणा है. उन्होंने कामना की कि वांगचुक लोकतंत्र, युवाओं और पर्यावरण की लड़ाई में नकारात्मक ताकतों के खिलाफ आगे भी "प्रकाश स्तंभ" बने रहें.
लगातार बिगड़ रही है सोनम वांगचुक की तबीयत
इस बीच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही है. पार्टी के मुताबिक, 16 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका करीब 8.2 किलोग्राम वजन कम हो चुका है, जबकि ब्लड ग्लूकोज स्तर 67 mg/dL तक पहुंच गया है. सीजेपी का कहना है कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए.
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
सीजेपी की प्रमुख मांग है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. इसके अलावा परीक्षा गड़बड़ियों से जुड़े कथित आत्महत्या के मामलों में मृत छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है. संगठन ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का भी ऐलान किया है.
ADVERTISEMENT











