UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के हालिया बयान के बाद सपा ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. वहीं बीजेपी ने भी इस विवाद को लेकर गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े किए हैं.
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इमरान मसूद और सपा नेताओं के बीच बढ़ा बयानबाजी
हाल के दिनों में सपा के पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बीच लगातार बयान सामने आए हैं. उदयवीर सिंह ने कहा था कि इमरान मसूद, अखिलेश यादव की तरह अपने संगठन के शीर्ष नेता नहीं हैं और INDIA गठबंधन से जुड़े फैसले दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरान मसूद अक्सर सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देते हैं. इसके जवाब में इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन की चर्चा सबसे ज्यादा सपा की ओर से हो रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन का फायदा सपा को मिला, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी 120 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी थी.
मुस्लिम नेतृत्व और गठबंधन पर भी दिए बयान
इमरान मसूद ने अपने बयान में यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसे मुस्लिम नेताओं या उन नेताओं को पसंद नहीं करती जो अपनी बात रखते हैं. उन्होंने कहा कि इसी वजह से ऐसे कई नेता अब कांग्रेस में हैं. उन्होंने मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और आजम खान जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी स्थिति के लिए उनको जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. साथ ही उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की वजह से अपनी सीट जीतने में सफल हुए. मसूद ने यह भी कहा कि गठबंधन के दौरान भी उन्होंने सपा के पक्ष में कोई चुनावी रैली नहीं की थी.
कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल
इमरान मसूद के बयान के बाद सपा प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सपा के भी 37 सांसद हैं, लेकिन पार्टी की ओर से कभी सीट बंटवारे या गठबंधन को लेकर इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी नहीं की गई. उनका कहना था कि गठबंधन कुछ तय नियमों और आपसी समझ पर चलता है, लेकिन इमरान मसूद के बयान ऐसे लग रहे हैं जैसे उन्हें किसी खास उद्देश्य के लिए बोलने को कहा गया हो. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने को भी चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में गठबंधन पर असर पड़ सकता है.
कांग्रेस ने फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ा
इस पूरे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि यह फैसला पूरी तरह पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को करना है. उन्होंने कहा कि किस दल के साथ गठबंधन होगा और किस आधार पर होगा, इसका निर्णय शीर्ष नेतृत्व करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस संगठन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ताकत और निष्ठा के साथ कर रहा है और चुनावी तैयारियों में जुटा है.
बीजेपी ने ली चुटकी
सपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच जारी बयानबाजी पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी. पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि दोनों दलों का गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं चल पाएगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन में 'शॉर्ट सर्किट' हो चुका है, इसलिए कोई भी नेता स्पष्ट बात नहीं कर रहा. नकवी ने गृह मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी के दावे का जिक्र करते हुए भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन के भीतर बढ़ती बयानबाजी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है.
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